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समस्या बताइए, समाधान सुझाइए; एआई जुटाएगा जनता की आवाज

लंदन से लौटे नाखाते, छत्तीसगढ़ से शुरू किया ‘साल्व इंडिया’ अभियान

रायपुर, 21 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ की धरती से शुरू हुई एआई आधारित नागरिक मुहिम ‘साल्व इंडिया’ अब लोगों की समस्याओं और उनके संभावित समाधानों को एक डिजिटल मंच पर जोड़ रही है। इस अभियान से औसतन हर 5.6 मिनट में एक नई नागरिक आवाज जुड़ रही है। अभियान का लक्ष्य देशभर के 10 लाख नागरिकों तक पहुंचकर उनकी समस्याओं और समाधान संबंधी सुझावों का एक बड़ा डाटा बैंक तैयार करना है। ‘साल्व इंडिया’ की शुरुआत अंतरराष्ट्रीय शिक्षा संस्था जूम अब्रॉड और एआई कंपनी श्रीजेन एआई के संस्थापक अभिषेक नाखाते ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर की है। बस्तर के बचेली स्थित आकाश नगर में पैदा हुए नाखाते करीब 20 वर्ष लंदन में शिक्षा और व्यवसाय के क्षेत्र में सक्रिय रहे। इस दौरान उन्होंने छह अलग-अलग कंपनियां स्थापित कीं। विदेश में लंबा समय बिताने के बाद उन्हें महसूस हुआ कि मानवीय मूल्यों, अपनी मातृभूमि और अपने लोगों का कोई विकल्प नहीं है। इसी सोच के साथ वे छत्तीसगढ़ लौटे और अब नागरिक समस्याओं के समाधान के लिए तकनीक को माध्यम बना रहे हैं।

व्हाट्सएप पर दर्ज करा सकेंगे समस्या

अभिषेक नाखाते के अनुसार, ‘साल्व इंडिया’ के तहत 9284165502 नंबर पर उपलब्ध एआई चैटबॉट के माध्यम से कोई भी नागरिक अपनी, समाज या देश से जुड़ी समस्या साझा कर सकता है। खास बात यह है कि नागरिक हिंदी, अंग्रेजी और छत्तीसगढ़ी में बातचीत कर सकेंगे। चैटबॉट ‘प्रगति’ नागरिकों से समस्या और उसके संभावित समाधान पर संवाद करेगी तथा प्राप्त सुझावों और जानकारियों को व्यवस्थित रूप से एकत्र करेगी।

अभियान का उद्देश्य केवल शिकायतें जुटाना नहीं, बल्कि नागरिकों के अनुभव और स्थानीय स्तर पर सुझाए गए समाधानों को भी एकत्र करना है। तैयार होने वाले डाटा बैंक के आधार पर अलग-अलग समस्याओं के व्यावहारिक समाधान तलाशने की दिशा में काम किया जाएगा।

चुटकी में दूर होगी सड़कों पर मवेशी की समस्या

अभियान के शुरुआती फीडबैक में छत्तीसगढ़ में सड़कों पर मवेशियों की मौजूदगी एक प्रमुख नागरिक समस्या के रूप में सामने आई है। इसके समाधान के लिए बेमेतरा की एक शिक्षिका ने जियो-फेंसिंग का सुझाव दिया है। इस तकनीक के जरिए ऐसा डिजिटल क्षेत्र निर्धारित किया जा सकता है, जिससे मवेशियों की आवाजाही को नियंत्रित करने में मदद मिले, जबकि नागरिकों और वाहनों की सामान्य आवाजाही प्रभावित न हो।

नाखाते का कहना है कि ‘साल्व इंडिया’ का मूल उद्देश्य नागरिकों को केवल समस्या बताने वाला नहीं, बल्कि समाधान सुझाने वाला सहभागी बनाना है। उनका मानना है कि देश के अलग-अलग हिस्सों में रहने वाले लोगों के पास स्थानीय समस्याओं के ऐसे व्यावहारिक समाधान होते हैं, जिनसे बड़े स्तर पर बदलाव की राह निकाली जा सकती है।