नई दिल्ली, 16 अक्टूबर 2026। विपक्षी गठबंधन इंडिया ब्लाक के विरोध के बीच मोदी सरकार बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर रही है। NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक मोदी सरकार दीवाली से पहले संसद का विशेष सत्र बुलाने जा रही है। इस विशेष सत्र में परिसीमन विधेयक को पारित कराने की तैयारी है।
विपक्षी गठबंधन इंडिया ब्लाक राहुल गांधी के नेतृत्व में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानि एसआईआर की वैधता को लेकर सवाल खड़ा कर रहा है। इसी बीच मोदी सरकार विपक्षी गठबंधन को एक और पटखनी देने की तैयारी कर चुकी है। रिपोर्ट के मुताबिक केंद्र सरकार परिसमीन विधेयक पर सदन में बहुमत को लेकर आश्वस्त है।
बता दें केंद्र सरकार ने 17 अप्रैल 2026 को बजट सत्र के दौरान परिसीमन विधेयक पेश किया था जो पास नहीं हो सका था। उस समय विपक्ष की एकता की वजह से विधेयक आवश्यक 2 तिहाई बहुमत जुटाने में विफल रहा था, जिसके बाद इसे पारित होने से रोक दिया गया था।
अब पांच महीने की कोशिश के बाद सरकार आश्वस्त है कि उसने आवश्यक बहुमत जुटा लिया है और वह इसे पारित करवा सकती है। ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि तमिलनाडु चुनावों के बाद इंडिया गठबंधन से अलग हुई डीएमके के विधेयकों के समर्थन के लिए उनसे बातचीत चल रही है। इस पार्टी के 22 सांसद हैं।
डीएमके अभी तक परिसीमन की सबसे मुखर विरोधी थी, जो विधानसभा चुनाव हारने के बाद परिसीमन पर मन बदलते दिख रही है। इसके साथ ही केंद्र सरकार कुछ छोटी पार्टियों के भी संपर्क में है। बता दें संसद का मानसून सत्र 13 अगस्त को समाप्त हुआ था, जिसे अभी तक स्थगित नहीं किया गया है। ऐसे में विशेष सत्र बुलाने की संभावना प्रबल है।
विशेष सत्र की तिथियां 12वें ब्रिक्स संसदीय मंच को ध्यान में रखते हुए तय की जाएंगी। यह 26-27 अक्टूबर को ‘संविधान सदन’ यानि संसद भवन में होगा। अभी तक सांसदों को विशेष सत्र की कोई सूचना नहीं दी गई है। विशेष बैठक बुलाए जाने से एक सप्ताह पहले सूचना दी जा सकती है।
फैक्ट एक नजर में
- संविधान संशोधन के लिए संसद में 2 तिहाई यानी 360 सीटों की आवश्यकता है, जो अभी तक सत्तारूढ़ एनडीए के पास नहीं है।
- लोकसभा में 540 सदस्य हैं।
- एनडीए के पास लगभग 319 और विपक्षी गठबंधन के पास 189 सांसद हैं।
- NDA के पाले में पिछले दिनों तृणमूल कांग्रेस के 20, शिवसेना (उद्धव ठाकरे) के 6 आए हैं।
- सरकार को शरद पवार के 8 और DMK के 22 सांसदों के समर्थन की भी उम्मीद है।
