प्रयागराज, 2 जुलाई 2025। प्रयागराज की रेशमा पटेल के प्रतिभा की चर्चा अब देश ही नहीं बल्कि दुनिया में है। रेशम पटेल उत्तर प्रदेश पुलिस में कांस्टेबल के पद पर सेवारत है। वह सोरांव तहसील के तुली का पुरा गांव की मूल निवासी है। रेशमा पटेल ने बर्मिंघम (अलाबामा, अमेरिका) में आयोजित वर्ल्ड पुलिस एंड फायर गेम्स 2025 में स्वर्ण पदक जीतकर भारत का मान बढ़ाया है।
रेशमा ने पांच किलोमीटर पैदल चाल (वाक रेस) स्पर्धा में 41 मिनट का समय निकालकर पहला स्थान हासिल किया। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने ट्रैक पर तिरंगा लहराकर देशवासियों का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया। प्रतियोगिता सोमवार 30 जून 2025 को स्थानीय समयानुसार सुबह 7 बजे शुरू हुई, जो भारतीय समयानुसार शाम 5:30 बजे थी। इस वैश्विक मंच पर 70 से अधिक देशों के 8,500 से ज्यादा एथलीट हिस्सा ले रहे हैं।
भावुक रेशमा पटेल ने भाई को दिया जीत का श्रेय
रेशमा ने स्वर्ण पदक जीतने के बाद भावुक होकर इसे अपने गांव, परिवार और देश को समर्पित किया। उन्होंने जीत का श्रेय अपने भाई, अंतरराष्ट्रीय एथलीट इंद्रजीत पटेल को दिया, जिन्होंने उन्हें प्रेरित किया और हर कदम पर साथ दिया।
रेशमा ने कहा, यह स्वर्ण पदक केवल एक मेडल नहीं, बल्कि मेरे गांव, परिवार और देश का सम्मान है। भाई इंद्रजीत ने मुझ पर भरोसा किया और माता-पिता ने हमेशा हौसला बढ़ाया। विश्व स्तर पर जीत का अहसास अवर्णनीय है।
तिली का पूरा में जश्न
रेशमा की इस ऐतिहासिक उपलब्धि ने प्रयागराज के सोरांव तहसील स्थित उनके गांव तिली का पूरा में जश्न का माहौल बना दिया। गांव में उत्साह की लहर दौड़ गई और रेशमा के घर पर बधाई देने वालों का तांता लग गया। इंटरनेट मीडिया पर उनकी जीत की चर्चा संदेशों के माध्यम से तेजी से फैली। लोग उनकी मेहनत, लगन और देश के लिए गर्व की इस उपलब्धि की सराहना कर रहे हैं।
यूथ ओलंपियन इंद्रजीत पटेल ने रेशमा की उपलब्धि पर गर्व जताते हुए कहा, रेशमा की कहानी एक साधारण गांव की लड़की से वैश्विक मंच तक की प्रेरणादायक यात्रा है। यह हर भारतीय के लिए गर्व का विषय है। एक भाई और भारतीय होने के नाते मैं इसे गहराई से महसूस कर रहा हूं। रेशमा के पिता विजय बहादुर पटेल, मां निर्मला देवी और बहन रोजी पटेल ने भी उनकी इस उपलब्धि पर खुशी और गर्व व्यक्त किया।













