मुजफ्फरनगर, 2 जुलाई 2025। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर पुलिस ने एक सनसनीखेज मामले में चरथावल कस्बे के निवासी नौशाद को गिरफ्तार किया है, जो नकली सिपाही बनकर तीन साल तक 20 महिलाओं को प्रेमजाल में फंसाकर उनका शारीरिक शोषण करता रहा। केवल 10वीं पास नौशाद ने चालाकी से पुलिस की वर्दी और फर्जी नेम प्लेट का इस्तेमाल कर कई शहरों में इस अपराध को अंजाम दिया।
नौशाद ने खुद को ‘कॉन्स्टेबल राहुल’ के रूप में पेश कर हिंदू महिलाओं को और ‘नौशाद’ या ‘अब्दुल’ के नाम से मुस्लिम महिलाओं को निशाना बनाया। उसने अपनी जरूरत के अनुसार तीन अलग-अलग नेम प्लेट बनवाकर रखी थीं, जिन्हें वह बदलता रहता था। पुलिस पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि वह वर्दी पहनकर महिलाओं का भरोसा जीतता था और फिर नजदीकियां बढ़ाकर शारीरिक संबंध बनाता था। उसने कम से कम 10 महिलाओं के साथ शारीरिक शोषण किया। उसका शिकार ज्यादातर विधवाएं या पति से अलग रह रही महिलाएं थीं, जिन्हें वह आसानी से अपने जाल में फंसा लेता था।
जांच में खुलासा हुआ कि नौशाद ने यह वर्दी अपने एक पुलिसकर्मी दोस्त से चुराई थी, जो संभल में उसके साथ रहता था। दोस्त के मध्य प्रदेश में चुनाव ड्यूटी पर जाने के दौरान नौशाद ने उसके बैग से वर्दी चुराकर फर्जी सिपाही बनने का खेल शुरू किया। उसने असली पुलिसकर्मियों के साथ उठना-बैठना कर लोगों में अपनी विश्वसनीयता बढ़ाई, ताकि किसी को शक न हो। उसने असम, मेघालय, दिल्ली, गाजियाबाद, बुलंदशहर, मथुरा, संभल और मुजफ्फरनगर जैसे शहरों में कई महिलाओं को ठगा।
इस फर्जीवाड़े का खुलासा तब हुआ, जब एक पीड़िता ने साहस दिखाते हुए नगर कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए सीओ सिटी राजू कुमार साव को जांच का जिम्मा सौंपा गया। जांच में तथ्यों की पुष्टि होने पर नौशाद को गिरफ्तार कर लिया गया। उसके पास से पुलिस वर्दी और फर्जी नेम प्लेट बरामद हुईं। एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने बताया कि आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया गया है।
एसएसपी ने जनता से अपील की कि पुलिस वर्दी में किसी के मिलने पर उसका विभागीय पहचान पत्र जरूर जांचें। केवल वर्दी पर भरोसा करना जोखिम भरा हो सकता है।














