रायपुर, 12 अगस्त 2025। लोकतंत्र रक्षकों के वंशजों के लिए छत्तीसगढ़ में उद्यमिता एवं कौशल विकास केंद्र खोलने की पहल की गयी है। इसकी जानकारी रायपुर प्रेस क्लब में मीडिया को दी गयी। देश के लोकतांत्रिक इतिहास में 1975-77 का आपातकाल वह दौर था जब लाखों देशभक्त नागरिकों ने अपने संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष किया। उन्होंने जेलें भरीं, यातनाएं सही और लोकतंत्र की रक्षा के लिए अपने प्राणों तक की आहुति दी। आज, जब हम लोकतंत्र के फलों का आनंद ले रहे हैं, तब उन रक्षकों के परिवार, विशेषकर उनके बच्चे, कई मामलों में सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़ गए हैं।
इन्हीं परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए, लोकतंत्र रक्षक संघ छत्तीसगढ़ ने युवा संकल्प नामक एक महत्वाकांक्षी परियोजना की घोषणा की है। संघ के अध्यक्ष सच्चिदानंद उपासने की प्रेरणा से प्रारंभ हो रही इस योजना के अंतर्गत एक स्थायी उद्यमिता एवं कौशल विकास केंद्र की स्थापना की जाएगी, जिसका उद्देश्य विशेष रूप से मीसा बंदियों के वंशजों को सशक्त बनाना है।
परियोजना में कंप्यूटर, डिजिटल मार्केटिंग, सिलाई, ब्यूटी पार्लर, फूड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। साथ ही उद्यमिता प्रोत्साहन के तहत स्वयं का व्यवसाय प्रारंभ करने हेतु मार्गदर्शन और संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। मानसिक सशक्तिकरण, आत्मविश्वास, नेतृत्व विकास और सामाजिक जुड़ाव पर भी विशेष जोर दिया जाएगा। प्रशिक्षुओं को सरकारी योजनाओं, बैंकों और निजी क्षेत्र से जोड़कर रोज़गार एवं स्वरोज़गार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।
इस केंद्र का संचालन लोकतंत्र रक्षक संघ करेगा, जिसमें सिद्धार्थ सुबोध पांडे तकनीकी सलाहकार के रूप में सहयोग करेंगे। वहीं सुहास देशपांडे, आलोक श्रीवास्तव, मोहन पवार, हेमंत उपासने, हार्मिन्दर सिंह टिन्ना और शरद श्रीवास्तव पदाधिकारी नियुक्त हुए हैं। परियोजना का कुल बजट 20-25 लाख रुपये प्रस्तावित है, जिसमें इंफ्रास्ट्रक्चर, मशीनरी, मास्टर ट्रेनर, सामग्री, मार्केटिंग और प्रबंधन शामिल हैं।
युवा संकल्प का लक्ष्य इस केंद्र को एक मॉडल परियोजना बनाना है, जिसे अन्य राज्यों में भी लागू किया जा सके। यह केवल एक योजना नहीं, बल्कि एक सामाजिक आंदोलन है जो लोकतंत्र के असली रक्षकों के परिवारों को गरिमा, अवसर और आत्मनिर्भरता की ओर ले जाने का ठोस प्रयास है।













