- एचएमआईएस पोर्टल पर खराब प्रगति वाले चिकित्साधिकारियों को जारी होगी नोटिस
- मंत्रा पोर्टल पर चार अस्पतालों की प्रगति खराब मिली
प्रतापगढ़, 13 सितंबर 2025। यूपी के प्रतापगढ़ जिले में अब आशाओं की मनमानी नहीं चलेगी। ऐसी आशा जो प्रसव कार्य में लापरवाह हैं, अब सीधे उनकी सेवा समाप्त कर दी जाएगी। इस बात का निर्देश जिलाधिकारी शिव सहाय अवस्थी ने दिया है। 12 सिंतबर की शाम हुई जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में जिलाधिकारी शिव सहाय अवस्थी ने इस संबंध में स्पष्ट निर्देश दिया।
कैम्प कार्यालय के सभागार में हुई बैठक में विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान की तैयारियों के सम्बन्ध में अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिया। जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में जिलाधिकारी ने पिछली बैठक के अनुपालन में की गयी कार्यवाही के सम्बन्ध में जानकारी ली। डीएम ने समस्त प्रभारी चिकित्साधिकारियों से कहा कि जिन आशाओं द्वारा एक भी प्रसव नही कराया गया है और जिन आशाओं की लापरवाही से गर्भवती महिलाओं की मृत्यु हुई है ऐसी आशाओं की सेवा समाप्ति की कार्यवाही की जाये। नई आशाओं की भर्ती के लिये समय-समय पर विज्ञापन का प्रकाशन कराया जाये।
जिलाधिकारी ने कहा कि अवैध रूप से संचालित क्लीनिकों पर छापेमारी की कार्यवाही की जायेगी तभी प्रसव की सही जानकारी मिल पायेगी, इसके लिये तहसीलवार टीम बनायी जाये और जो भी अवैध रूप से क्लीनिक संचालित है उनको अभियान चलाकर चेक कराया जाये। डीएम ने सीएमओ, डिप्टी सीएमओ, प्रभारी चिकित्साधिकारियों को निर्देशित किया कि 5-5 गांवों में जाकर प्रसव की परिस्थितियों से अवगत कराया जाये। डीएम ने निर्देशित किया कि एचएमआईएस पोर्टल पर जिन भी प्रभारी चिकित्साधिकारियों की प्रगति खराब है उन सभी को नोटिस जारी किया जाये।
मंत्रा पोर्टल पर सांगीपुर, बेलखरनाथधाम, बिहार व कालाकांकर की प्रगति खराब पायी गयी जिस पर सम्बन्धित प्रभारी चिकित्साधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिये गये। आयुष्मान गोल्डेन कार्ड के प्रभारी डा. सुधाकर को निर्देशित किया गया कि जिन गोल्डेन कार्ड लाभार्थियों का 4 लाख रूपये से ऊपर ईलाज हुआ है ऐसे लाभार्थियों की जांच कर अवगत कराया जाये जिससे यह पता चल सके कि कहीं ईलाज के नाम पर फर्जीवाड़ा तो नहीं किया गया है।
बैठक में जिलाधिकारी ने नियमित टीकाकरण, आरसीएच, ई-कवच, आभा आईडी, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम, परिवार कल्याण कार्यक्रम, एफआरयू, आयुष्मान आरोग्य मंदिर, जन्म-मृत्यु, जननी सुरक्षा योजना सहित अन्य महत्वपूर्ण बिन्दुओ की समीक्षा कर आवश्यक दिशा निर्देश दिये। डीएम ने मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देशित किया कि अपने स्तर से स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं की समीक्षा कर अवगत करायें।
बैठक में जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग से जुड़े सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि स्वास्थ्य सेवाओं तथा जनता से जुड़ी योजनाओं का बेहतर तरीके से संचालन करें, स्वास्थ्य विभाग के सभी अधिकारी, प्रभारी चिकित्साधिकारी अपने-अपने कार्यो एवं दायित्वों के प्रति सजग रहे, दी गयी जिम्मेदारियों का शत् प्रतिशत निर्वहन करें, लापरवाही कदापि न बरते। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डा. दिव्या मिश्रा, मुख्य चिकित्साधिकारी डा. एएन प्रसाद सहित सभी प्रभारी चिकित्साधिकारी एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी व अन्य सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित रहे।















