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लेखांकन से समूह के वित्तीय कार्यों में आएगी पारदर्शिता: सुरेश

लेखांकन से समूह के वित्तीय कार्यों में आएगी पारदर्शिता: सुरेश

वाराणसी, 3 अक्टूबर 2025। लेखांकन की सही प्रक्रिया अपनाने से समूहों के वित्तीय कार्यों में पारदर्शिता आएगी। सदस्यों का समूह के प्रति आपसी विश्वास बढ़ेगा। यह बातें प्रशिक्षुओं को सम्बोधित करते हुए डिस्ट्रिक रिसोर्स पर्सन सुरेश पाण्डेय ने कही। वह सरायकाजी काशीपति लॉन में उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत स्वयं सहायता समूहों से चयनित लेखपाल (बुक कीपर) का मॉड्यूल-2 विषयक चल रहे तीन दिवसीय प्रशिक्षण सत्र के समापन अवसर पर बोल रहे थे।

उन्होंने कहा कि नियमित रूप से समूह की खाता बही लिखने से सदस्यों में विश्वास होता है कि उनकी बचत सुरक्षित है। समूह का नियंत्रण स्वयं समूह सदस्यों के पास ही होता है और समूह अपने वित्तीय प्रबंधन पर सदस्यों की सहमति के आधार पर निर्णय लेने में सक्षम होता है।

प्रशिक्षण कार्यक्रम के तीन दिवसों में डीआरपी सुरेश पाण्डेय द्वारा प्रतिभागियों को लेखांकन क्या होता है, लेखांकन का महत्व एवं लेखांकन की प्रक्रिया तथा समूहों में तैयार किए जाने वाले अभिलेख मुख्य रूप से कार्यवाही पुस्तिका, बचत पुस्तिका व ऋण पुस्तिका और सूक्ष्म ऋण योजना (एमसीपी), समूह को मिलने वाले फंड स्टार्टअप फंड, रिवाल्विंग फंड व सामुदायिक निवेश निधि (सीआईएफ) के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए फॉर्मेट पर अभ्यास कराया गया।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में जनपद वाराणसी के विकास हरहुआ से चयनित 58 बुक कीपर दीदियों ने प्रतिभाग किया। प्रशिक्षण सत्र के दौरान समय – समय पर उपयुक्त स्वतः रोजगार वाराणसी पवन कुमार सिंह एवं जिला मिशन प्रबंधक श्रवण कुमार सिंह का मार्गदर्शन प्रतिभागियों को प्राप्त हुआ। इस अवसर पर सीता गुप्ता, सरिता, प्रियंका कुमारी, पुष्पा, रेखा, अनीता, संजू, लक्ष्मीना, प्रमिला, संगीता, संध्या, उर्मिला, सुमन, ऊषा, बैजन्ती, शिवकुमारी, विमला, स्नेहा, शीला, राधिका, ममता, पूनम, नीतू, गीता, मेनका, प्रेमलता, समिता, इंदू, अमृता, चन्दा, प्रीती, बिन्दु आदि की उपस्थिति रही। प्रशिक्षण कार्यक्रम के अन्त में आयोजक संस्था एएफसी इंडिया लिमिटेड के प्रतिनिधि राहुल कुमार द्वारा सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया गया और सभी प्रतिभागियों को सर्टिफिकेट देकर सत्र का समापन किया गया।