रायपुर, 7 अक्टूबर 2025। छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक (अपेक्स बैंक) परिसर में राज्य के रजत जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में सहकारी बैंकों की संगोष्ठी आयोजित की गई। सहकार भारती के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. उदय जोशी की अध्यक्षता में हुए इस आयोजन में पूर्व केबिनेट मंत्री व बिलासपुर विधायक अमर अग्रवाल, सहकार भारती छत्तीसगढ़ महामंत्री कनिराम, अपेक्स बैंक के प्राधिकृत अधिकारी केदार नाथ गुप्ता, सहकार भारती कार्यालय मंत्री सौरभ शर्मा, प्रगति महिला नागरिक सहकारी बैंक भिलाई की अध्यक्ष, अपेक्स बैंक प्रबंध संचालक व अपर आयुक्त सहकारिता के.एन. कान्डे उपस्थित रहे।
डॉ. उदय जोशी ने कहा कि सहकारिता सामूहिक भागीदारी, जिम्मेदारी और संस्कारों पर आधारित है। सहकारिता के सिद्धांतों पर आधारित प्रगति से बेहतर विश्व का निर्माण संभव है। संयुक्त राष्ट्र संघ ने 2025 को अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष घोषित किया है, जिसका उद्देश्य सहकारिता के माध्यम से वैश्विक विकास है। छत्तीसगढ़ में 11,650 ग्राम पंचायतों में 2,058 पैक्स, 1,949 मत्स्य, 1,002 दुग्ध और 1,054 लघु वनोपज सहकारी समितियां पंजीकृत हैं।
प्रदेश में 329 बुनकर सहकारी समितियों को और सशक्त व रोजगारोन्मुखी बनाने की जरूरत है। केंद्रीय गृह व सहकारिता मंत्री अमित शाह के निर्देश पर छत्तीसगढ़ में 310 दुग्ध, 297 मत्स्य और 153 लघु वनोपज सहकारी समितियों का गठन हो चुका है। दुग्ध सहकारिता को बढ़ावा देने के लिए 16 दिसंबर 2024 को रायपुर में राज्य सरकार, छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी दुग्ध महासंघ और राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर हुए।
केदार नाथ गुप्ता ने बताया कि राज्य गठन के समय 1,333 पैक्स कार्यरत थीं। किसानों को ऋण, खाद और बीज की सुगमता के लिए 725 नई सहकारी समितियों का गठन व पंजीयन कर कुल 2,058 समितियां स्थापित की गई हैं। संगोष्ठी में कनिराम और के.एन. कान्डे ने भी विचार व्यक्त किए। अपेक्स बैंक के ओएसडी अविनाश श्रीवास्तव और प्रबंधक अभिषेक तिवारी ने पीपीटी के माध्यम से प्रस्तुति दी। आयोजन में डीजीएम भूपेश चंद्रवंशी, एजीएम अरुण पुरोहित, एल.के. चंद्रवंशी और जिला सहकारी केंद्रीय बैंकों के सीईओ उपस्थित रहे।














