रायपुर, 13 अक्टूबर 2025। प्रभात मिश्र को कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता विश्वविद्यालय कार्य परिषद का सदस्य बनाया गया है। वे छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक और सामाजिक धरोहर को समृद्ध करने में एक सक्रिय स्तंभ हैं। यह मनोनय मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया।
श्री मिश्रा एक वरिष्ठ पत्रकार, साहित्यकार, पर्यावरणविद और समाजसेवी हैं। उनकी शिक्षा (एम ए समाजशास्त्र और पत्रकारिता) ने उन्हें सामाजिक सरोकारों और जनसंचार की गहरी समझ दी है। उन्होंने आकाशवाणी, दूरदर्शन और कई राष्ट्रीय चैनलों के माध्यम से जनजागरण का कार्य किया है तथा ‘घर संसार’ जैसे कार्यक्रमों में भाग लेकर भूगर्भ जल संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषय को आम जन तक पहुंचाया है।
साहित्य के क्षेत्र में उनका योगदान अतुलनीय है। उन्होंने ‘महासागर’, ‘दुधाधारी प्रकाश’ सहित कई पुस्तकों की रचना की है, जो छत्तीसगढ़ की संस्कृति और इतिहास पर प्रकाश डालती हैं। उन्होंने ‘छत्तीसगढ़ राजभाषा स्मारिका’ और ‘मीडिया विमर्श’ जैसी राष्ट्रीय पत्रिका का संपादन भी किया है। ‘सावरकर सौरभ’ और ‘छत्तीसगढ़ का सांस्कृतिक विकास’ जैसे ग्रंथों के संपादन द्वारा उन्होंने सांस्कृतिक राष्ट्रवाद को बल दिया है।
श्री मिश्रा का कार्यक्षेत्र केवल साहित्य और मीडिया तक सीमित नहीं है। वह एक समर्पित पर्यावरणविद् के रूप में भी जाने जाते हैं-उन्होंने वॉटर वारियर बनकर व्यक्तिगत जल सत्याग्रह अभियान चलाया। खारून नदी के किनारे वृक्षारोपण का नेतृत्व किया और नदी यात्रा आयोजित कर जलाशयों के संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाई।
नरहरेश्वर सरोवर में गंदे पानी के प्रवेश को रोकने और भगवान बालाजी ट्रस्ट की भूमि को अतिक्रमण से बचाने के लिए उन्होंने उच्च न्यायालय में जनहित याचिकाएं दायर कीं, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए। उन्होंने ग्राम विकास शोध समाधान केंद्र की स्थापना कर किसानों के बच्चों के लिए पुस्तकालय चलाया और जैविक खेती को प्रोत्साहन दिया।
उनके बहुमुखी योगदान को देखते हुए उन्हें अनेक प्रतिष्ठित सम्मानों से नवाजा जा चुका है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद में उनकी नियुक्ति से छत्तीसगढ़ के युवा पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के लिए एक प्रेरणा का स्रोत भी है।














