Highlights
- पिकअप में बकायदा चैंबर बनाकर कैश रखा गया था
- फिलहाल मामला आयकर विभाग को सौंपा गया
रायपुर, 26 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ में 4 करोड़ रुपये कैश पकड़े जाने से हड़कंप मच गया है। दुर्ग क्राइम ब्रांच की टीम ने भिलाई-3 चरोदा के पास एक पिकअप वाहन से नकदी बरामद की। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, इस रकम को रायपुर से उत्तर प्रदेश ले जाया जा रहा था। पहले इसे रायपुर से नागपुर ले जाने का प्लान था। नागपुर में जिसे यह कैश डिलिवर किया जाता उसके जरिये यूपी भेजा जाना था। मामले में दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई है। नकदी के स्रोत और इसे ले जाने के उद्देश्य की जांच की जा रही है।
नकदी को उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव के दौरान इस्तेमाल किए जाने की आशंका भी जताई जा रही है। हालांकि, अभी तक इस संबंध में कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। जांच पूरी होने और संबंधित एजेंसियों की आधिकारिक जानकारी के बाद ही रकम के वास्तविक उद्देश्य का खुलासा हो सकेगा।
नहीं रोकी पिकअप, पीछा कर पकड़ा
मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस को सूचना मिली थी कि अभनपुर की ओर से आ रही एक पिकअप में भारी मात्रा में नकदी रखी गई है। इसके बाद टीम ने कुम्हारी टोल प्लाजा के पास निगरानी शुरू की।
बताया जा रहा है कि टोल प्लाजा पर पुलिस को देखकर पिकअप चालक ने वाहन नहीं रोका। इसके बाद पुलिस टीम ने वाहन का पीछा किया और भिलाई-3 चरोदा के पास उसे पकड़ लिया। तलाशी के दौरान पिकअप में 4 करोड़ रुपये कैश पाया गया।
पिकअप के चैंबर में मिला 4 करोड़ रुपये कैश
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, पिकअप वाहन में नकदी रखने के लिए विशेष चैंबर बनाया गया था। इसी में नोटों के बंडल रखे गए थे। बरामद रकम करीब 4 करोड़ रुपये कैश मिली।
पुलिस ने मामले की जांच के सिलसिले में दो लोगों को हिरासत में लिया है। उनसे 4 करोड़ रुपये कैश कहां से आए, किसके हैं और इसे कहां पहुंचाया जाना था, इस संबंध में पूछताछ की जा रही है।
आयकर विभाग को सौंपा गया मामला
नकदी की बड़ी बरामदगी के बाद मामला आयकर विभाग को सौंपे जाने की जानकारी सामने आई है। अब जांच एजेंसी रकम के स्रोत, संबंधित लोगों और संभावित लेनदेन की पड़ताल करेगी।
फिलहाल, उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए इस रकम का इस्तेमाल किए जाने की आशंका की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि नकदी किसकी थी, इसे किस उद्देश्य से ले जाया जा रहा था और इस मामले में आगे क्या कार्रवाई की जाएगी।
यूपी चुनाव में बढ़ी सक्रियता
| कब होगा चुनाव | 15 दिसंबर 2026 के बाद कभी हो सकती है घोषणा |
| अभी क्या हो रहा | मतदाता सूची पुनरीक्षण का काम चल रहा है |
| कब आएगी अंतिम मतदाता सूची | 4 जनवरी 2027 को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन होगा |
मॉडिफाई कर बनाया गया था चैंबर
अंदर में एक विशेष तौर पर वेल्डिंग कर बनाया गया गुप्त चैंबर मिला, जिसके अंदर छिपाकर 4 करोड़ रुपये कैश नोटों के बंडल रखे गए थे। जिस बोलेरो पिकअप पंजीकरण संख्या CG 04 QU 5996 का इस्तेमाल इस तस्करी के लिए किया जा रहा था, उसके पिछले हिस्से को इस चतुराई से मॉडिफाई किया गया था कि सामान्य चेकिंग में किसी का ध्यान वहां तक न जा सके।
मशीन मंगवानी पड़ी
4 करोड़ रुपये कैश की मात्रा इतनी अधिक थी कि पुलिस को गिनती के लिए इलेक्ट्रॉनिक नोट गिनने की मशीनें बुलानी पड़ीं। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि यह खेप रायपुर के अभनपुर इलाके से लोड की गई थी और इसे नागपुर पहुंचना था। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने वाहन चालक भावेश भाई और उसके सहयोगी विष्णुदेव दुबे को मौके पर ही धर दबोचा, जबकि एक अन्य संदिग्ध मौके का फायदा उठाकर फरार होने में कामयाब रहा, जिसकी तलाश पुलिस सरगर्मी से कर रही है।
रायपुर के रास्ते हो रही कैश की तस्करी
सुरक्षा एजेंसियों को इनपुट मिल रहा था कि छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के रास्ते पड़ोसी राज्यों में भारी मात्रा में कैश की तस्करी हो रही है। इसी खुफिया सूचना के आधार पर दुर्ग पुलिस और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने घेराबंदी तेज कर दी थी। जब संदेही पिकअप वाहन को रोककर तलाशी ली गई, तो उसकी बनावट बिल्कुल सामान्य मालवाहक जैसी लग रही थी। लेकिन जब पुलिस ने वाहन के पिछले हिस्से और बॉडी की बारीकी से जांच की, तो 4 करोड़ रुपये कैश देख उनके होश उड़ गए।
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