रायपुर, 26 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड (सीएसपीडीसीएल) की करीब 1,193.46 करोड़ की विद्युत वितरण नेटवर्क रखरखाव निविदा में निर्धारित पात्रता शर्तों को लेकर प्रतिस्पर्धा और समान अवसर का सवाल उठ रहा है। निविदा में 400 चारपहिया वाहनों, 3,700 कर्मचारियों के संचालन का अनुभव और 358 करोड़ से अधिक के औसत वार्षिक टर्नओवर जैसी शर्तें रखी गई हैं।
इन शर्तों का तकनीकी आधार और उनके कारण संभावित बोलीदाताओं पर पड़ने वाला प्रभाव समीक्षा का विषय है। कंपनी ने 6 अक्टूबर 2026 को निविदा क्रमांक 18/1867 जारी की थी। इसके तहत प्रदेश के 19 विद्युत सर्किलों में फ्यूज आफ कॉल (एफओसी), वितरण ट्रांसफॉर्मर, एलटी लाइन तथा 11 केवी और 33 केवी नेटवर्क के रखरखाव एवं ब्रेकडाउन सेवाएं निजी एजेंसी से कराने का प्रस्ताव है।
अनुबंध की प्रारंभिक अवधि तीन वर्ष है, जिसे प्रदर्शन और आवश्यकता के आधार पर दो वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है। निविदा की प्रमुख शर्तों के अनुसार, बोलीदाता के पास पिछले पांच वित्तीय वर्षों में कम-से-कम 36 महीने की निरंतर अवधि तक 400 चारपहिया वाहनों और 3,700 कर्मचारियों के संचालन का अनुभव होना चाहिए।
सवाल यह है कि क्या इस स्तर की एकमुश्त क्षमता अनिवार्य करना पूरे राज्य में काम की जरूरतों के अनुरूप है या अलग-अलग कार्यादेशों के संयुक्त अनुभव को स्वीकार कर अधिक कंपनियों को प्रतिस्पर्धा का अवसर दिया जा सकता है।
क्या कह रहे बोलीदाता
वित्तीय पात्रता तय करते समय पूरे अनुबंध के मूल्य के साथ-साथ आठ क्षेत्रों में प्रस्तावित कार्य-विभाजन और प्रत्येक क्षेत्र की वास्तविक जरूरतों को किस तरह ध्यान में रखा गया। निविदा में संयुक्त उपक्रम (ज्वाइंट वेंचर), सब-कॉन्ट्रैक्टिंग और सबलेटिंग की अनुमति नहीं है। निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार, सबसे कम दर देने वाली पात्र एजेंसी को काम आवंटित किया जाएगा। यदि वह निर्धारित शर्तें पूरी करने में विफल रहती है, तो अन्य बोलीदाताओं को उसी दर पर काम करने का प्रस्ताव दिया जा सकता है। इतने बड़े भौगोलिक क्षेत्र में एक एजेंसी पर निर्भरता और क्षेत्रवार पैकेजों के विकल्प का परीक्षण भी जरूरी है।
स्वतंत्र समीक्षा से स्पष्ट हो स्थिति
विद्युत वितरण नेटवर्क का रखरखाव सीधे उपभोक्ताओं की बिजली आपूर्ति और सुरक्षा से जुड़ा है। इसलिए तकनीकी दक्षता और वित्तीय क्षमता सुनिश्चित करने के साथ निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा बनाए रखना भी महत्वपूर्ण है। राज्य शासन और कंपनी को निविदा की प्रमुख पात्रता शर्तों, उनके आधार और क्षेत्रवार कार्य आवंटन की संभावनाओं की स्वतंत्र समीक्षा करनी चाहिए। इससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि 1,193 करोड़ के इस अनुबंध में सेवा की गुणवत्ता, वित्तीय विश्वसनीयता और समान अवसर के बीच उचित संतुलन बनाया गया है या नहीं।
