Highlights
- आईआरडीएआई के विजन 2047 तक सभी के लिए बीमा के अनुरूप बढ़ाएगा बीमा जागरूकता
- जीवन बीमा के लिए लीड इंश्योरर के रूप में एसबीआई लाइफ ने जागरूकता कैंटर वैन की शुरुआत की
- यह कैंटर वैन छत्तीसगढ़ के लोगों तक वित्तीय जानकारी पहुंचाएगी
रायपुर, 29 अक्टूबर 2026। एसबीआई लाइफ ने गुरुवार 29 अक्टूबर 2026 को छत्तीसगढ़ में बीमा की बात अभियान शुरू किया। भारत में वित्तीय सेवाओं का विस्तार हुआ, बावजूद इसके भी दीर्घकालिक आर्थिक सुरक्षा में जीवन बीमा की भूमिका को लेकर जागरूकता अभी भी सीमित है। इससे यह स्पष्ट होता है कि है कि लोगों के बीच जीवन बीमा के महत्व को लेकर जागरूकता बढ़ाने की काफी जरूरत है। इसी कमी को दूर करने के लिए भारत की भरोसेमंद जीवन बीमा कंपनियों में से एक एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस ने ‘बीमा की बात’ पहल की शुरुआत की है।
इस मौके पर विशेष कैंटर वैन को रवाना किया गया। रायपुर से रवाना की गई विशेष कैंटर वैन छत्तीसगढ़ के सभी 33 जिलों में जाकर लोगों को बीमा के प्रति जागरूक करेगी। आईआरडीएआई की राज्य बीमा योजना के तहत छत्तीसगढ़ में जीवन बीमा के लिए लीड इंश्योरर होने के नाते, यह पहल लोगों को वित्तीय सुरक्षा से जुड़े सही फैसले लेने में सक्षम बनाकर नियामक के ‘2047 तक सभी के लिए बीमा’ विजन को आगे बढ़ाने की एसबीआई लाइफ की प्रतिबद्धता को मजबूत करती है।
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ शासन के वित्त विभाग के विशेष सचिव ऋषभ कुमार परासर, एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस के वेस्ट ज़ोन के ज़ोनल डायरेक्टर राजीव श्रीवास्तव, छत्तीसगढ़ शासन के वित्त विभाग के एडिशनल डायरेक्टर अंकित मोदी और एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस के भोपाल के रीजनल डायरेक्टर अमित कुमार साहा सहित अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
एसबीआई लाइफ निभा रही अहम जिम्मेदारी
आईआरडीएआई की राज्य बीमा योजना के तहत जीवन बीमा के लिए एसबीआई लाइफ लीड इंश्योरर की जिम्मेदारी निभा रही है। एसबीआई लाइफ छत्तीसगढ़ में जीवन बीमा के प्रति जागरूकता बढ़ाने और लोगों को वित्तीय सुरक्षा के महत्व के बारे में जागरूक करने हेतु काम कर रही है। लोगों जागरूक होने से नियामक के विजन को आगे बढ़ाया जा सकेगा।
बीमा का दायरा अभी भी सिर्फ 3.7%
यह पहल ऐसे समय में शुरू की गई है, जब देश में बीमा से जुड़े आंकड़ें आम लोगों के बीच जागरूकता बढ़ाने की जरूरत को रेखांकित करते हैं। आईआरडीएआई की वार्षिक रिपोर्ट 2024-25 के अनुसार, भारत में बीमा का दायरा अभी भी सिर्फ 3.7% है, जबकि दुनिया में इसका औसत 7.3% है। वहीं, प्रीमियम बढ़ने के बावजूद जीवन बीमा का दायरा 2.8% से घटकर 2.7% रह गया है। ये आंकड़ें बताते हैं कि देश में बीमा सुरक्षा का दायरा बढ़ाने की कितनी जरूरत है। साथ ही, नागरिकों के लिए बीमा से जुड़ी जानकारी को आसान, सुलभ और उनकी जरूरतों के अनुरूप बनाना भी जरूरी है।
बीमा योजना का उद्देश्य
आईआरडीएआई की राज्य बीमा योजना का उद्देश्य जीवन बीमा की पहुंच बढ़ाने और लोगों को इसके बारे में बेहतर जानकारी देने के लिए राज्य स्तर पर विशेष प्रयासों को बढ़ावा देना है। छत्तीसगढ़ में जीवन बीमा के लिए लीड इंश्योरर की जिम्मेदारी एसबीआई लाइफ को सौंपी गई है। यह भूमिका लोगों के बीच लगातार और स्थानीय स्तर पर जागरूकता बढ़ाने की जरूरत को रेखांकित करती है, ताकि वे अपने परिवार के भविष्य को सुरक्षित रखने में वित्तीय सुरक्षा की अहमियत समझ सकें।
इस दिशा में लोगों तक सीधे पहुंचने के लिए ‘बीमा की बात’ कैंटर वैन राज्य के सभी 33 जिलों में जाएगी। इस वैन में एलईडी के माध्यम से ऑडियो-विजुअल सामग्री पेश की जाएगी। इसमें स्थानीय छत्तीसगढ़ी भाषा का इस्तेमाल होगा। साथ ही, इंटरैक्टिव मॉड्यूल के माध्यम से बीमा से जुड़ी बातों को सरल, सहज और स्थानीय संस्कृति से जोड़कर समझाया जाएगा।
लोगों में जागरूकता की कमी : राजीव श्रीवास्तव
एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस के पश्चिम क्षेत्र के जोनल डायरेक्टर राजीव श्रीवास्तव ने कहा, देश में वित्तीय सुरक्षा को मजबूत करने के लिए लोगों का यह समझना जरूरी है कि जीवन बीमा उनके भविष्य को सुरक्षित रखने में क्या भूमिका निभाता है। हालांकि, कई समुदायों में आज भी इसे लेकर जागरूकता की कमी है।
छत्तीसगढ़ में जीवन बीमा के लिए लीड इंश्योरर होने के नाते, एसबीआई लाइफ ऐसी पहलों के माध्यम से इस कमी को दूर करने के लिए प्रतिबद्ध है, जो लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी में वित्तीय सुरक्षा की अहमियत को समझने में मदद करें। ‘बीमा की बात’ इसी दिशा में आईआरडीएआई के ‘2047 तक सभी के लिए बीमा’ के राष्ट्रीय विजन को आगे बढ़ाने की हमारी जिम्मेदारी को दर्शाती है।
यह हमारी सोच ‘अपने लिए, अपनों के लिए’ को भी सामने लाती है। वित्तीय सुरक्षा सिर्फ एक प्रोडक्ट नहीं, बल्कि एक उद्देश्य है, जो लोगों के सपनों को पूरा करने, परिवारों को सुरक्षित रखने और देश को अधिक मजबूत बनाने में मदद करता है।
सरल और स्पष्ट जानकारी पहुंचाना जरूरी : डॉ. रोहित यादव
छत्तीसगढ़ शासन के वित्त सचिव, आईएएस डॉ. रोहित यादव ने कहा, आईआरडीएआई के ‘2047 तक सभी के लिए बीमा’ विजन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हर भारतीय परिवार को आसान, किफायती और जरूरत के मुताबिक बीमा सुरक्षा मिल सके, चाहे वह किसी भी आर्थिक वर्ग, जिले या सामाजिक समूह से हो।
जब लोग समझते हैं कि जीवन बीमा उनके सपनों और परिवार को सुरक्षित रखने के साथ दीर्घकालिक आर्थिक स्थिरता में कैसे मदद करता है, तो वे अपने भविष्य के लिए बेहतर और अधिक भरोसे के साथ फैसले ले पाते हैं। इसलिए ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में लोगों तक सरल और स्पष्ट जानकारी पहुंचाना बेहद जरूरी है।
एसबीआई लाइफ की बीमा जागरूकता पहल ‘बीमा की बात’ इस दिशा में एक सार्थक कदम है। इसके माध्यम से लोगों को उनकी स्थानीय भाषा में बीमा से जुड़ी जानकारी दी जा रही है, ताकि वे अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा के लिए सही फैसले ले सकें। इससे छत्तीसगढ़ के परिवारों को आर्थिक रूप से अधिक सुरक्षित भविष्य बनाने में मदद मिलेगी।
बीमा की बात पहल के माध्यम से एसबीआई लाइफ छत्तीसगढ़ में वित्तीय सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि व्यक्ति और परिवार जीवन बीमा और अपने लंबे समय के वित्तीय भविष्य से जुड़े फैसले बेहतर जानकारी के साथ ले सकें।
