रायपुर जिले के आरंग में हुई शिक्षक शिवकुमार चंद्राकर की हत्या का खुलासा पुलिस ने कर दिया है। शिवकुमार चंद्राकर की हत्या उसके साथी शिक्षक चंद्रप्रकाश वर्मा ने की थी। रेत, रियल स्टेट और बुलियन में इन्वेस्टमेंट ट्रेडिंग में लेन-देन के विवाद में यह घटना हुई।
रायपुर, 19 सितंबर 2024। रायपुर जिले में थाना आरंग में हुई शिक्षक शिवकुमार चंद्राकर की हत्या का खुलासा पुलिस ने कर दिया है। शिवकुमार चंद्राकर को उसके साथी शिक्षक चंद्रप्रकाश वर्मा ने की थी। रेत, रियल स्टेट और बुलियन में इन्वेस्टमेंट ट्रेडिंग में लेन-देन के विवाद में यह घटना हुई।
इस सनसनीखेज अंधे कत्ल का आरंग पुलिस ने 24 घंटे के भीतर सनसनीखेज खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस जघन्य हत्या के आरोप में मृतक के ही साथी शिक्षक को गिरफ्तार किया है। मामले में अपराध क्रमांक 443/2026 धारा 103(1) बीएनएस (मर्ग क्रमांक 124/2026 धारा 194 बीएनएसएस) के तहत मामला दर्ज था।
क्या था मामला
17 सितंबर 2026 को पुलिस को सूचना मिली थी कि ग्राम बनचरौदा के पास एक व्यक्ति का शव पड़ा है। सिर व चेहरे पर धारदार एवं कठोर वस्तु से सांघातिक चोट पहुंचाकर निर्मम हत्या की गई है। मृतक की पहचान शिवकुमार चंद्राकर पिता शंकरलाल चंद्राकर उम्र 46 वर्ष, निवासी ग्राम रामपुर डंगनिया, थाना गोबरा नवापारा जिला रायपुर के रूप में हुई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रायपुर, ग्रामीण और उप पुलिस अधीक्षक माना वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में तत्काल घटना स्थल पहुंचे और फॉरेंसिक टीम, डॉग स्क्वाड टीम एवं सायबर टीम के साथ घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया गया, शव पंचनामा कर पोस्टमार्टम कराया गया।
वीएसके ऐप से मिला सुराग
विवेचना के दौरान पता चला कि मृतक शिवकुमार चंद्राकर और संदेही चंद्रप्रकाश वर्मा दोनों ही ग्राम कुम्हारी के स्कूल में शिक्षक हैं। गांव का चरवाहा और ग्रामीणों ने बताया कि मृतक को अंतिम बार उसके साथी शिक्षक चंद्रप्रकाश वर्मा के साथ सफेद रंग की स्कूटी पर ग्राम बनचरौदा घटना स्थल की ओर जाते देखा गया था।
पुलिस ने ग्राम कुम्हारी स्कूल के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और वीएसके ऐप की लाग रिपोर्ट का अध्यन करने पर सारा सच सामने आ गया। 17 सितंबर 2026 को सुबह 09.35 बजे चंद्रप्रकाश वर्मा स्कूल आया। इस दौरान मोबाइल का लोकेशन ऑफ करके घटना को अंजाम देने तुरंत निजी काम का बहाना बनाकर बाहर निकल गया। घटना को अंजाम देने के बाद दोपहर करीब 12:50 बजे वापस स्कूल लौटा और अपने मोबाइल से वीएसके ऐप में लागइन नहीं करके यह बोल कर की उसका मोबाइल घर में रह गया, साथी शिक्षक के मोबाइल से उपस्थिति हेतु लागइन किया जो की लाग रिपोर्ट में सामने आ गई।
पुलिस की पूछताछ में उगला सच
18 सितंबर 2026 को संदेही चंद्रप्रकाश वर्मा को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की गई तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
आरोपी ने बताया कि मृतक शिवकुमार चंद्राकर और वो पिछले 4 साल से एक दूसरे को जानते थे। साथ में रेत, रियल स्टेट और बुलियन मार्केट में ट्रेडिंग करते थे। इन्ही सब काम में इसने मृतक को करीब 30 लाख रुपये उधारी दिए थे, जिसके बदले में मृतक ने उसे छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक के 3 ब्लैंक चेक दिए थे।
आरोपी हर महीने उससे ब्याज लेता था। पिछले तीन महीनों से मृतक ब्याज नहीं दे रहा था, बल्कि गाली-गलौज कर जान से मारने की धमकी देता था। इसी कारण से आरोपी परेशान, विचलित था और बहुत ज़्यादा गुस्से में था। उसने प्लान किया कि घटना दिनांक को अगर पैसा नहीं देगा तो उसे ख़त्म कर देगा इसके लिए वो पूरी तैयारी के साथ आया।
17 सितंबर 2026 को सुबह करीब 10 बजे दोनों की मुलाकात कुम्हारी स्कूल के बाहर पटवारी कार्यालय के पास हुई। ब्याज और पैसा वापसी को लेकर दोनों में विवाद हुआ। विवाद करते-करते दोनों बनचरौदा के सुनसान इलाके में पहुंच गए। विवाद बढ़ने पर आरोपी ने अपनी स्कूटी में पहले से रखे धारदार हथियार से मृतक के सिर के पीछे वार कर गिरा दिया। फिर हथौड़े से उसके चेहरे और सिर पर ताबड़तोड़ वार कर हत्या कर दी।
पुलिस ने घटना में प्रयुक्त सफेद स्कूटी, धारदार हथियार, हथौड़ा, मृतक द्वारा दिए गए 3 ब्लैंक चेक, मृतक का पर्स, दोनों के मोबाइल, तथा आरोपी के घटना के समय पहने हुए खून से सने जूते और मोजा और कपड़े जब्त किए हैं। आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
