नई दिल्ली, 3 नवंबर 2026। सौर क्रांति का नया दौर नवाचार पर भी निर्भर है। जब चूल्हे से लेकर परिवहन के साधनों तक, सब कुछ सौर ऊर्जा से चलेगा, तो एक नए उद्योग का निर्माण होगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत नवीकरणीय उर्जा शिखर सम्मेलन में यह बात कही। उन्होंने कहा कि दुनिया के सबसे युवा देशों में से एक भारत में स्वच्छ ऊर्जा से जुड़ी प्रत्येक पहल पैनल और उपकरणों के विनिर्माण, स्थापना, रखरखाव तथा परिवहन जैसे क्षेत्रों में हजारों रोजगार के अवसर पैदा कर रही है। इस बात का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि सौर ऊर्जा क्षमता के और विस्तार से अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार के अवसर कई गुना बढ़ेंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, रसोई के चूल्हे से लेकर परिवहन के साधनों तक, जब सब कुछ सौर ऊर्जा और हरित ऊर्जा से चलेगा, तो एक नए उद्योग का निर्माण होगा।
वैश्विक निवेशकों को भारत की अतुलनीय मांग, व्यापक क्षमता, विशाल कार्यक्षेत्र तथा राजनीतिक एवं नीतिगत स्थिरता का लाभ उठाने के लिए आमंत्रित करते हुए प्रधानमंत्री ने बताया कि पिछले एक दशक में नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में 15 लाख करोड़ रुपये से अधिक यानी 164 अरब डॉलर का निवेश हुआ है। इसमें 2024 के री-इन्वेस्ट शिखर सम्मेलन के बाद के केवल दो वर्षों में 6 लाख करोड़ रुपये से अधिक यानी 63 अरब डॉलर का निवेश शामिल है। इस दशक के अंत तक निवेश के अवसर 20 लाख करोड़ रुपये यानी 220 अरब डॉलर से अधिक होने का अनुमान है। श्री मोदी ने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा, इसलिए, आप सभी के लिए भारत के स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में अवसरों की नई संभावनाएं खुलने जा रही है।
भारत के वैश्विक संदेश ‘एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य’ का उल्लेख करते हुए, जो देश की स्वच्छ ऊर्जा यात्रा और अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन दोनों का आधार है, प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि आवश्यक वित्तपोषण, प्रौद्योगिकी और विशेषज्ञता प्रत्येक जरूरतमंद देश तक पहुंचे। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, इसीलिए, अफ्रीका के लिए 200 मिलियन डॉलर की अफ्रीका सोलर फैसिलिटी का प्रस्ताव रखा गया है।
इस बात पर जोर देते हुए कि आने वाला दशक वैश्विक जलवायु लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, प्रधानमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि शिखर सम्मेलन में भाग लेने वाले प्रतिनिधि प्रत्येक देश और क्षेत्र को इस परिवर्तन से जोड़कर भविष्य को सुरक्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने सभी को शुभकामनाएं देते हुए अपने संबोधन का समापन किया। श्री मोदी ने जोर देकर कहा, केवल तभी हम स्वच्छ भविष्य, हरित भविष्य और सुरक्षित भविष्य का निर्माण कर सकेंगे।

