प्रतापगढ़, 2 मई 2026। प्रतापगढ़ के महेशगंज थाना क्षेत्र के पूरे जियावन राजापुर में हुई टिंकू शुक्ला की हत्या से हर कोई हतप्रभ है। टिंकू शुक्ला दिल्ली में किराने का थोक व्यापार करता था। बाघराय थाना क्षेत्र के हरिहरपुर निवासी टिंकू शुक्ला के पिता कृपाशंकर शुक्ला की करीब 10 वर्ष पहले मौत हो चुकी थी। इसके बाद वह अपनी मां सीता देवी के साथ दिल्ली में ही रहने लगा था। मां-बाप के इकलौते बेटे टिंकू का विवाह महेशगंज थाना क्षेत्र के पूरे जियावन रायपुर निवासी नेहा के साथ 2016 में हुआ था। टिंकू के दे बच्चे भी हैं।
नेहा इन दिनों मायके में थी। टिंकू एक दिन पहले अपने मौसा नन्हे तिवारी के यहां आयोजित भंडारा कार्यक्रम में शामिल होने दिल्ली से आया था। शनिवार की सुबह टिंकू की नेहा से बात हुई और वह ससुराल आ पहुंचे। नेहा का बड़ा भाई पुलिस में कांस्टेबल है और लखनऊ में रहता है। नेहा के माता-पिता बड़े बेटे के पास लखनऊ गये थे। जिस समय टिंकू अपनी ससुराल पहुंचा उस समय उस समय उसका छोटो साला भी राजापुर बाजार कुछ सामान खरीदने गया था।
हैरत की बात है कि टिंकू के मामा का बेटा दीपक पांडेय जो महेशगंज थाना क्षेत्र के नरियावां गांव का रहने वाला है वह टिंकू के पहुंचने से पहले ही उसकी ससुराल पहुंच गया था। टिंकू के पहुंचते ही उसने विवाद करना शुरू कर दिया। विवाद इतना बढ़ की उसने चाकू निकालकर टिंकू के पेट में घोंप दिया। इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गयी और दीपक वहां से भाग निकला।
पूरे घटनाक्रम से ऐसा लग रहा है कि दीपक पांडेय पहले से ही टिंकू की हत्या करने का प्लान तय कर पहुंचा था। यह बात रहस्य के घेरे में है कि टिंकू शुक्ला के ससुराल आने की जानकारी दीपक को किसने दी थी।
घटना की जानकारी होने पर एएसपी पश्चिमी बृजनंदन राय और सीओ सदर करिश्मा गुप्ता ने पुलिस बल के साथ घटनस्थल का मुआयना किया। पुलिस अधिकारी ने परिजनों और आसपास के लोगों से भी बात की।
एएसपी ने बताया कि मामले की छानबीन करने और हत्यारोपी को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस की अलग-अलग छह टीमें गठित की गयी है। जल्द ही घटना की सच्चाई सामने आ जाएगी।