लखनऊ, 20 अक्टूबर 2026। यूपी में कल्याण सिंह से लेकर मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव की सरकार तक महत्वपूर्ण भूमिका में रहने वाले कुंवर रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले फिर चर्चा में हैं।
प्रतापगढ़ जिले की कुंडा सीट से वर्ष 1993 से लगातार विधायक निर्वाचित हो रहे राजा भैया ने अपनी राजनैतिक पार्टी बना रखी है। पार्टी का नाम है जनसत्ता दल लोकतांत्रिक। प्रतापगढ़ जिले की दो विधानसभा सीट कुंडा और बाबागंज पर राजा भैया का ही प्रभाव है। साथ ही पूर्वांचल की कई सीटों पर राजा भैया की अपनी लोकप्रियता है।
बसपा प्रमुख मायावती से राजा भैया की अदावत रही है। अब सपा प्रमुख अखिलेश यादव से भी राजा भैया ने बराबर की दूरी बना रखी है। पिछले कुछ वर्षों से राजा भैया राजनीति में सनातन व्यवस्था को लेकर काफी मुखर रहते हैं। सनातन के पक्ष में उन्होंने लगातार अभियान चला रखा है।
नवंबर 2026 के उत्तरार्ध में राजा भैया के कुंडा स्थित आवास पर राम कथा का आयोजन होने जा रहा है। इस राम कथा में व्यास के रुप में बाबा बागेश्वर धीरेन्द्र शास्त्री कथा सुनाएंगे। इससे पहले रायबरेली में यूपी सरकार के कैबिनेट मंत्री मनोज पांडेय के आवास पर हुई प्रदीप मिश्र की कथा में भी राजा भैया ने सनातन व्यवस्था को लेकर अपनी बात मुखर होकर रखी थी।
कुंडा से लेकर दिल्ली तक के तमाम आयोजनों में राजा भैया प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तारीफ करते रहते हैं। अब राजा भैया के लखनऊ स्थित आवास पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने पहुंचकर राजनैतिक सरगर्मी बढ़ा दी है।
चर्चा है कि 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव में राजा भैया की पार्टी से भाजपा का गठबंधन हो सकता है। राजा भैया के आवास पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी के पहुंचने को लेकर यह चर्चा और तेज हो गयी है। जानकार बता रहे हैं कि अगर गठबंधन का फार्मूला तय हुआ तो नवंबर के अंत तक स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।