प्रयागराज, 14 अक्टूबर 2026। यूपी में पंचायत चुनाव को लेकर 14 अक्टूबर 2026 को आये इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले के बाद एक बार फिर चर्चा तेज हो गयी है। हलांकि हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी चुनाव को लेकर संशय की स्थिति बनी हुई है। ऐसा माना जा रहा है कि हाईकोर्ट के आदेश के विरुद्ध राज्य सरकार अपील करेगी। अपील पर फैसला आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
उधर राज्य के प्रशासनिक अधिकारी विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटे हुए हैं। संभावना जताई जा रही है कि 15 दिसंबर के बाद कभी भी विधानसभा चुनाव की तिथियों की घोषणा की जा सकती है। राजनीतिक टिप्पणीकारों की माने तो यूपी में विधानसभा चुनाव के बाद ही अब पंचायत चुनाव हो सकेंगे।
पंचायत चुनाव को लेकर क्या हुआ
- इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बुधवार 14 अक्टूबर 2026 को ग्राम पंचायत चुनाव मामले में एक अहम फैसला सुनाते हुए राज्य सरकार को तीन महीने के भीतर चुनाव कराने का निर्देश दिया।
- कोर्ट के आदेश के अनुसार, जब तक नए चुनाव संपन्न नहीं हो जाते, तब तक सभी निवर्तमान ग्राम प्रधान प्रशासक के रूप में अपने पदों पर कार्य करते रहेंगे।
- यह फैसला न्यायमूर्ति जस्टिस अजीत कुमार और जस्टिस गरिमा प्रसाद की डिवीजन बेंच ने शाम 4 बजे खुली अदालत में सुनाया।
- याचिका प्रयागराज के इम्तियाज हुसैन और अन्य द्वारा समय पर चुनाव कराने की मांग को लेकर दायर की गई थी।
अभी चुनाव कराना संभव क्यों नहीं
इसी मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में अलग से सुनवाई चल रही है। राज्य सरकार पंचायत चुनाव कराने को लेकर एक से अधिक बार अपना रुख स्पष्ट कर चुकी है। सरकार द्वारा पहले प्रशासक नियुक्त किए जा चुके हैं। इसके अलावा कुछ अन्य वजहें हैं जिसके चलते यह चुनाव अभी करा पाना संभव नहीं है।
ये हैं प्रमुख वजहें
- नियमानुसार पंचायत चुनाव से पहले सरकार को पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट पेश करनी होती है, जो कि अभी तक प्रस्तुत नहीं की गई है।
- रिपोर्ट के बिना चुनाव प्रक्रिया आगे बढ़ाना कानूनी और प्रशासनिक रूप से पेचीदा काम है।
- प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में यह लगभग स्पष्ट है कि प्रदेश में निर्धारित समय के अनुसार विधानसभा चुनाव पहले संपन्न होंगे।
- विधानसभा चुनाव के बाद ही पंचायत चुनावों की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सकेगा।
