देश

हर मौसम में काम करने वाले सौर ऊर्जा मॉडल विकसित करें

Ramesh Pandey
By Ramesh Pandey On नवम्बर 3, 2026
1 min read • 1.2k views
हर मौसम में काम करने वाले सौर ऊर्जा मॉडल विकसित करें

नई दिल्ली, 3 नवंबर 2026। आने वाले समय में ऐसे सौर ऊर्जा मॉडल की जरुरत है जो हर मौसम में काम करे। 24 घंटे काम करे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐसे सौर ऊर्जा मॉडल विकसित करने का आवाहन किया है। नई दिल्ली में आयोजित भारत नवीकरणीय उर्जा शिखर सम्मेलन में स्टार्टअप्स, आईआईटी, नवोन्मेषकों और उद्यमियों से चौबीसों घंटे तथा हर मौसम में काम करने वाले ऐसे सौर ऊर्जा मॉडल विकसित करने का आग्रह किया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सौर मॉड्यूल की विनिर्माण क्षमता एक दशक पहले लगभग 2 गीगावाट थी, जो आज बढ़कर 200 गीगावाट से अधिक हो गई है। इसके साथ ही, देश में लगभग 40 गीगावाट की सौर सेल विनिर्माण क्षमता विकसित हो चुकी है और अन्य उपकरणों का उत्पादन भी बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने जोर देकर कहा, इसका अर्थ है कि हरित ऊर्जा से जुड़ी भारत की महत्वाकांक्षाएं हमारे आत्मनिर्भर भारत अभियान और मेक इन इंडिया अभियान की सफलता का भी प्रमाण हैं।

इस बात पर जोर देते हुए कि देश को अपनी उपलब्धियों पर संतुष्ट होकर रुकने के बजाय तेज गति बनाए रखनी चाहिए, प्रधानमंत्री ने सभी सरकारी भवनों, स्कूलों, कॉलेजों, अस्पतालों और स्ट्रीट लाइट नेटवर्क को शीघ्र सौर ऊर्जा से जोड़ने का आह्वान किया। उन्होंने बेहतर प्रदर्शन करने वालों को प्रोत्साहित करने और स्थानीय स्तर पर सफल पहलों से एक-दूसरे को सीखने का अवसर प्रदान करने के लिए राज्यों और स्थानीय निकायों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने का सुझाव दिया। श्री मोदी ने कहा, हमें यह काम तेज गति से करना होगा।

कृषि क्षेत्र में सौर ऊर्जा के विस्तार के लिए विशेष सुझाव देते हुए प्रधानमंत्री ने लाखों सौर पंप वितरित करने से आगे बढ़कर कृषि भूमि के अनुपयोगी हिस्सों का उपयोग करने का आग्रह किया। उन्होंने अधिक से अधिक गांवों के किसानों को अपनी खाली जमीन के साथ-साथ खेतों की मेड़ों पर भी सौर पैनल लगाने के लिए प्रोत्साहित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, हमें सौर पंपों से आगे बढ़ना होगा।

यह बताते हुए कि सौर क्रांति के नए दौर में इसे अपनाने के साथ-साथ नवाचार की भी समान रूप से महत्वपूर्ण भूमिका है, प्रधानमंत्री ने स्टार्टअप्स, आईआईटी, नवोन्मेषकों और उद्यमियों से चौबीसों घंटे तथा हर मौसम में काम करने वाले ऐसे सौर ऊर्जा मॉडल विकसित करने का आग्रह किया, जो घरों की अधिकतम ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा कर सकें। इनमें आयातित गैस पर निर्भरता कम करने के लिए रूफटॉप सौर कुकिंग प्रणाली तथा इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों और कारों के लिए घरेलू सौर चार्जिंग सुविधाएं शामिल हैं। श्री मोदी ने कहा, इसके माध्यम से देश के मध्यमवर्गीय परिवार हर साल हजारों रुपये बचा सकते हैं।

ग्रामीण क्षेत्रों के संबद्ध क्षेत्रों में स्वच्छ ऊर्जा के विशेष उपयोगों की आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए प्रधानमंत्री ने डेयरी क्षेत्र में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए विशेष सौर उत्पाद विकसित करने का आह्वान किया। प्रधानमंत्री मोदी ने जोर देकर कहा, पशुओं के चारे, फसल की कटाई और कटाई के बाद की प्रक्रियाओं सहित ऐसे प्रत्येक कार्य के लिए सौर ऊर्जा से चलने वाले उपकरण विकसित किए जाने चाहिए।

Ramesh Pandey

Ramesh Pandey

रमेश पांडेय (Ramesh Pandey) एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें डिजिटल मीडिया और क्षेत्रीय समाचार रिपोर्टिंग में 20 वर्षों का अनुभव है।