रायपुर, 25 मई 2026। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में पेट्रोल पंप संचालकों पर ग्राहकों की मजबूरी का फायदा उठाने का गंभीर आरोप लगा है। शहर के शंकर नगर स्थित राइजेन फ्यूल और अंजार फ्यूल पेट्रोल पंपों पर आम लोगों को सामान्य पेट्रोल के बजाय महंगे दाम वाला पॉवर पेट्रोल खरीदने के लिए मजबूर किए जाने की शिकायत सामने आई है। भाजपा नेता गौरीशंकर श्रीवास ने इस पूरे मामले का खुलासा करते हुए इसे आपदा में अवसर तलाशने जैसा बताया है।
भाजपा नेता गौरीशंकर श्रीवास ने 25 मई 2026 को दोनों पेट्रोल पंपों का निरीक्षण किया और वहां के स्टॉक रजिस्टर, बिक्री बिल तथा अन्य दस्तावेजों की जांच की। उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा- जांच के दौरान एक पेट्रोल पंप में सामान्य पेट्रोल का पर्याप्त स्टॉक होने के बावजूद ग्राहकों को यह कहकर पॉवर पेट्रोल दिया जा रहा था कि सामान्य पेट्रोल उपलब्ध नहीं है। बताया गया कि संबंधित पंप में करीब 2800 लीटर सामान्य पेट्रोल मौजूद था, लेकिन इसके बावजूद वाहन चालकों को अधिक कीमत चुकाने पर मजबूर किया जा रहा था।
ग्राहकों का कहना है कि उन्हें बिना जानकारी दिए सीधे पॉवर पेट्रोल भर दिया जाता है। कई बार जब ग्राहक सामान्य पेट्रोल की मांग करते हैं तो कर्मचारियों द्वारा यह कह दिया जाता है कि वह उपलब्ध नहीं है। बाद में बिल देखने पर पता चलता है कि उन्हें महंगा पॉवर पेट्रोल दिया गया है। इससे रोजाना वाहन चलाने वाले मध्यमवर्गीय और नौकरीपेशा लोगों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।
स्थानीय वाहन चालकों ने बताया कि पेट्रोल के बढ़ते दामों के बीच पहले ही आम आदमी परेशान है, ऊपर से पेट्रोल पंपों की इस तरह की मनमानी ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। कई ग्राहकों ने आरोप लगाया कि पेट्रोल भरवाने के दौरान इतनी तेजी से प्रक्रिया की जाती है कि उन्हें यह तक समझ नहीं आता कि कौन सा पेट्रोल डाला जा रहा है। कुछ लोगों ने यह भी कहा कि अगर ग्राहक सवाल पूछे तो कर्मचारियों का व्यवहार भी संतोषजनक नहीं रहता।
गौरीशंकर श्रीवास ने आरोप लगाया कि यह केवल रायपुर तक सीमित मामला नहीं है, बल्कि प्रदेश के ग्रामीण इलाकों से भी लगातार ऐसी शिकायतें मिल रही हैं। गांवों और छोटे कस्बों में लोगों को सामान्य पेट्रोल नहीं होने का हवाला देकर पॉवर पेट्रोल दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह सीधे-सीधे उपभोक्ताओं के अधिकारों का उल्लंघन है और पेट्रोल पंप संचालकों द्वारा अतिरिक्त मुनाफा कमाने की कोशिश है।
निरीक्षण के दौरान दूसरे पेट्रोल पंप संचालक पर भी सवाल खड़े हुए। आरोप है कि वहां स्टॉक संबंधी जानकारी मांगने पर संचालक ने स्पष्ट जानकारी देने से इनकार कर दिया। इससे संदेह और गहरा गया कि कहीं उपभोक्ताओं के साथ बड़े स्तर पर गड़बड़ी तो नहीं की जा रही।
इस पूरे मामले ने राजधानी में पेट्रोल पंपों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि यदि पेट्रोल पंपों में सामान्य पेट्रोल उपलब्ध है तो ग्राहकों को विकल्प दिए बिना महंगा ईंधन बेचना गलत है। उपभोक्ता संगठनों ने भी इस मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
भाजपा नेता गौरीशंकर श्रीवास ने प्रदेश के मुख्यमंत्री से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने और दोषी पेट्रोल पंप संचालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सरकार को जांच कर यह सुनिश्चित करना चाहिए कि आम लोगों से किसी भी प्रकार की जबरन वसूली न हो और उपभोक्ताओं को उनके अधिकारों के अनुसार उचित सेवा मिले।
