रायपुर, 30 अक्टूबर 2026। केटीयू यानि कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय ने ग्रामीण पत्रकारिता को नई पहचान देने की पहल की है। इसके लिए कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय, रायपुर और गोंडवाना विश्वविद्यालय, गढ़चिरौली के बीच एमओयू किया गया है। इसके माध्यम से मध्य ग्रामीण पत्रकारिता के सुदृढ़ीकरण एवं ग्रॉसरूट लेवल कार्यक्रमों के लिए कार्य किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण पत्रकारिता का प्रोत्साहन, स्थानीय मुद्दों को राष्ट्रीय फलक पर लाना और ग्रामीण युवाओं को मीडिया में करियर ग्रोथ है।
केटीयू के कुलपति प्रो. डॉ. मनोज दयाल ने कहा कि भारत की आत्मा गांवों में बसती है। ग्रामीण पत्रकारिता ही जमीनी हकीकत को सामने लाती है। इस सहयोग से हम ऐसे पत्रकार तैयार करेंगे जो संवेदनशीलता के साथ ग्रामीण विकास की कहानी लिखेंगे। प्रोफेसर प्रशांत बोकारे, कुलपति, गोंडवाना विश्वविद्यालय ने ग्रामीण पत्रकारिता के संवर्धन और उन्नयन में इसे एक ऐतिहासिक पहल बताया।
एमओयू में केटीयू के कुलसचिव सुनील कुमार शर्मा और गोंडवाना विश्वविद्यालय, गढ़चिरौली के पत्रकारिता विभागाध्यक्ष डॉ. मोहम्मद सरफराज अंसारी ने हस्ताक्षर किए। इसके अंतर्गत संयुक्त रूप से संगोष्ठी, सेमिनार और कार्यशालाएं ऑफलाइन, ऑनलाइन एवं हाइब्रिड मोड में किए जाएंगे। जिससे महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ के दूरस्थ अंचलों के छात्र, शिक्षक एवं पत्रकार भी सहभागी एवं लाभार्थी बन सकेंगे।
इस एमओयू से शोध, फैकल्टी एक्सचेंज, छात्र इंटर्नशिप और सामुदायिक रेडियो के माध्यम से ग्रामीण संचार को नई दिशा मिलेगी। इस अवसर पर विभागाध्यक्ष डॉ. राजेन्द्र मोहंती, डॉ. नृपेन्द्र शर्मा और डॉ. आशुतोष मंडावी सहित प्राध्यापकगण उपस्थित रहे।
