नई दिल्ली, 5 अप्रैल 2026। प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव पीके मिश्रा ने सेंसस 2027 के पहले चरण यानी हाउसलिस्टिंग और आवास जनगणना के लिए अपना डिजिटल ‘सेल्फ-एन्यूमरेशन’ पूरा किया। यह पहल डिजिटल इंडिया की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है, जिसके तहत नागरिक अब स्वयं अपनी जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकते हैं।
सेल्फ-एन्यूमरेशन के माध्यम से नागरिक अपने घर, परिवार और सामाजिक-आर्थिक स्थिति से संबंधित जानकारी सीधे पोर्टल पर दर्ज कर सकते हैं। इससे न केवल समय की बचत होती है, बल्कि फील्ड सर्वे पर निर्भरता भी कम होती है। यह प्रणाली खासतौर पर शहरी और डिजिटल रूप से सक्षम आबादी के लिए बेहद उपयोगी साबित हो सकती है।
नागरिकों की सक्रिय भागीदारी से जनगणना के आंकड़े अधिक सटीक और व्यापक होंगे। इससे नीतियों के निर्माण और योजनाओं के क्रियान्वयन में बेहतर निर्णय लिए जा सकेंगे। विश्वसनीय आंकड़े देश के समावेशी विकास, संसाधनों के उचित वितरण और सामाजिक कल्याण योजनाओं को प्रभावी बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं।
डिजिटल सेल्फ-एन्यूमरेशन प्रणाली से पारदर्शिता बढ़ेगी और डेटा संग्रहण में होने वाली त्रुटियों को भी काफी हद तक कम किया जा सकेगा। इसके साथ ही, यह प्रक्रिया पर्यावरण के अनुकूल भी है, क्योंकि इसमें कागज़ के उपयोग में कमी आती है।
सरकार ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से अपना सेल्फ-एन्यूमरेशन अवश्य पूरा करें और इस राष्ट्रीय अभियान में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।