यूपी

ढिंगवस के कर्मयोगी पं. सूर्य दत्त मिश्र का निधन, 95 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस

Ramesh Pandey
By Ramesh Pandey On मई 9, 2026
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Demise of Pt. Surya Datt Mishra

प्रतापगढ़, 9 मई 2026। यूपी में प्रतापगढ़ जिले के ढिंगवस पूरे ठाकुर राम निवासी पं. सूर्य दत्त मिश्र का निधन हो गया। उन्होंने 95 वर्ष की उम्र में जीवन की अंतिम सांस ली। पं. सूर्य दत्त मिश्र आजीवन कर्मयोगी रहे।

भाजपा नेता विजय मिश्र उर्फ गोली नेता ने बताया कि समाज में अपनी सादगी, सनातन धर्म के प्रति अटूट आस्था और रेलवे में लंबी गौरवशाली सेवा देने वाले पं. सूर्य दत्त मिश्र उर्फ ‘बच्ऊ दादा’ अब हमारे बीच नहीं रहे। 95 वर्ष की आयु में उनका निधन 7 मई 2026 की रात उनके ननिहाल, प्रयागराज स्थित आदर्श गांव लेहरा तिवारी पुर में हुआ।

पं. सूर्य दत्त मिश्र का व्यक्तित्व ऐसा था कि वह जीवन के अधिकांश समय अपने ननिहाल लेहरा तिवारी पुर में रहे, लेकिन उन्होंने कभी अपनी जन्मभूमि और पैतृक गांव ढिगवस (पूरे ठाकुर राम) से नाता नहीं तोड़ा। वह एक सेतु की तरह युवाओं और बुजुर्गों के बीच हमेशा सक्रिय रहे। उन्होंने भारतीय रेल में चालक (ड्राइवर) के रूप में देश की सेवा की। सेवानिवृत्त होने के बाद उनका पूरा जीवन सामाजिक सौहार्द और सनातन संस्कृति के उत्थान के लिए समर्पित रहा।

फिर भी रहे जनसंघ के सिपाही रहे

बचऊ दादा की वैचारिक दृढ़ता की मिसाल आज भी दी जाती है। एक दौर में जब उनके ननिहाल क्षेत्र में कांग्रेस के विधायक का गहरा प्रभाव था। उस समय भी उन्होंने अपनी विचारधारा से समझौता नहीं किया। वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और जनसंघ के कट्टर समर्थक रहे। उन्हीं की प्रेरणा और मार्गदर्शन का परिणाम था कि परिवार के कई सदस्यों ने भारतीय जनता पार्टी की विचारधारा को अपनाकर राजनीति में कदम रखा। वे केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि एक मार्गदर्शक थे जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी अपनी निष्ठा को अडिग रखा।

मां काली मंदिर के रहे संस्थापक सदस्य

उनकी जन्मभूमि ढिगवस (पूरे ठाकुर राम) में स्थित मां काली मंदिर के निर्माण और स्थापना में उनका अतुलनीय योगदान रहा। एक संस्थापक सदस्य के रूप में उन्होंने न केवल आर्थिक सहयोग दिया, बल्कि मंदिर को सामाजिक चेतना का केंद्र बनाने के लिए अनवरत प्रयास किए। वह अक्सर कहते थे कि मंदिर केवल ईंट-पत्थरों का ढांचा नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने का एक पवित्र स्थान है।

अंत्येष्टि में भारी जनसमूह उमड़ा

प्रयागराज में आयोजित उनकी अंत्येष्टि में भारी जनसमूह उमड़ा। उनके छोटे पुत्र सुनील मिश्र ने उन्हें मुखाग्नि दी। इस दुख की घड़ी में आयोजित एक शोक सभा में उनके मंझले भाई डॉ. सुरेश चंद्र मिश्र और छोटे भाई आदित्य नारायण मिश्र ने उन्हें याद करते हुए भावुक श्रद्धांजलि अर्पित की। परिवार के अन्य सदस्य हरदेव मिश्र और राजेंद्र मिश्र सहित क्षेत्रीय गणमान्य नागरिकों ने कहा कि बचऊ दादा का जाना एक युग का अंत है।

Ramesh Pandey

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रमेश पांडेय (Ramesh Pandey) एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें डिजिटल मीडिया और क्षेत्रीय समाचार रिपोर्टिंग में 20 वर्षों का अनुभव है।