रायपुर, 14 जुलाई 2025। छत्तीसगढ़ में कन्फेडरेशन आफ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने ई-वे बिल नियमों में व्यावहारिक सुधार किये जाने की मांग की है। कैट का एक प्रतिनिधिमंडल 14 जुलाई 2025 को पुष्पेंद्र कुमार मीणा, आयुक्त, जीएसटी छत्तीसगढ़ शासन से मिला और ई-वे बिल नियमों में व्यावहारिक सुधार की मांग को लेकर एक ज्ञापन सौंपा।
प्रतिनिधिमंडल में कैट के राष्ट्रीय वाइस चेयरमैन एवं राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड (भारत सरकार) के सदस्य अमर पारवानी, प्रदेश चेयरमैन मंगेलाल मालू, प्रदेश एक्जीक्यूटिव चेयरमैन जितेन्द्र दोशी, प्रदेश अध्यक्ष परमानंद जैन, प्रदेश महामंत्री सुरिन्द्रर सिंह एवं प्रदेश कोषाध्यक्ष अजय अग्रवाल शामिल रहे।
अमर पारवानी ने बताया कि ज्ञापन में छत्तीसगढ़ के व्यापारियों एवं उद्योगपतियों की ओर से ईज आफ डुइंग बिजनेस की भावना के तहत निम्नलिखित प्रमुख मांगें रखी गईं।
- एक ही जिले के भीतर माल के परिवहन पर ई-वे बिल से पूर्ण छूट दी जाए।
- आवश्यक वस्तुएं जैसे पुस्तकें, नोटबुक, शैक्षणिक सामग्री, एवं दैनिक उपयोग की वस्तुएं जैसे ताजा फल-सब्जियां, खाद्य पदार्थ चिकित्सा और उपकरण आपूर्ति, कृषि निवेश और उपकरण, डेयरी व ताजे उत्पाद आदि के लिए राज्य में न्यूनतम प्रतिबंध लागू किए जाएं।
छोटे और मध्यम व्यापारियों को राहत मिलेगी
श्री पारवानी ने बताया कि प्रस्तावित सुधार से राज्य में व्यापार करना और अधिक सरल होगा, विशेषकर छोटे और मध्यम व्यापारियों को राहत मिलेगी। यह सुधार कर अनुपालन और कर संग्रह की व्यवस्था को सुचारू बनाए रखेंगे तथा राज्य सरकार और व्यापार समुदाय – दोनों के लिए लाभकारी सिद्ध होंगे।
आयुक्त पुष्पेंद्र मीणा ने ज्ञापन को ध्यानपूर्वक अवलोकन किया और कैट प्रतिनिधिमंडल को सकारात्मक आश्वासन प्रदान किया। इस दौरान संयुक्त आयुक्त नरेंद्र वर्मा, संयुक्त आयुक्त श्रीमती याचना तांब्रे, उप आयुक्त टिकम गुनेन्द्र भी उपस्थित रहे।













