भाग्य कर्म का परिणाम है, यह न तो स्थिर है और न ही अनियंत्रित

भाग्य कर्म का परिणाम है, यह न तो स्थिर है और न ही अनियंत्रित

अध्यात्म दर्शन मानव जीवन को अर्थ, उद्देश्य और आत्म-साक्षात्कार की दिशा में ले जाने वाला मार्ग है। यह दर्शन कहता है, जिसने कर्म किया, उसने सबकुछ प्राप्त किया, और जो भाग्य के सहारे बैठा रहा, उसने स्वयं पर नियंत्रण करने का अधिकार औरों को दे दिया। यह कथन कर्म, आत्म-नियंत्रण और जीवन की गतिशीलता का … Read more

साध्वी ऋतंभरा को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पद्म भूषण से सम्मानित किया

साध्वी ऋतंभरा को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पद्म भूषण से सम्मानित किया

नई दिल्ली, 27 मई 2025। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज एक विशेष समारोह में प्रख्यात आध्यात्मिक शिक्षिका और सामाजिक कार्यकर्ता साध्वी ऋतंभरा को सामाजिक कार्य के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए पद्म भूषण से सम्मानित किया। यह सम्मान साध्वी ऋतंभरा के वंचित बच्चों और महिलाओं के उत्थान तथा समाज में समानता और समावेशिता … Read more

जीवन को प्रेम, करुणा और सद्गुणों से संवारें, इसे व्यर्थ न करें

जीवन को प्रेम, करुणा और सद्गुणों से संवारें, इसे व्यर्थ न करें

जीवन कोई साधारण घटना नहीं, बल्कि प्रकृति का एक अनुपम उपहार है। हर प्राणी, हर जीव, हर मनुष्य इस ब्रह्मांड की अद्भुत रचना का हिस्सा है। यह केवल सांसें लेने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि एक यात्रा है-आत्मा की, चेतना की और सत्य की खोज की। प्रकृति हमें सिखाती है कि संतुलन ही जीवन का मूल … Read more