धर्म

मां पृथ्वी का अवतार है: धर्माचार्य ओमप्रकाश पांडे अनिरुद्ध रामानुज दास

Ramesh Pandey
By Ramesh Pandey On मई 12, 2026
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मां पृथ्वी का अवतार है: धर्माचार्य ओमप्रकाश पांडे अनिरुद्ध रामानुज दास

प्रतापगढ़, 12 मई 2026। रामानुज आश्रम सर्वोदय सद्भावना संस्थान ने मातृ दिवस धूमधाम से मनाया। श्रीमती निर्मला पांडे नारायणी रामानुजदासी प्रधानाचार्य राजा दिनेश सिंह कन्या इंटरमीडिएट कॉलेज बढ़नी की अध्यक्षता में यह कार्यक्रम हुआ।

मां सरस्वती का पूजन करने के पश्चात धर्माचार्य ओमप्रकाश पांडे अनिरुद्ध रामानुज दास ने कहा कि सनातन धर्म में मां का विशेष महत्व है। माता लक्ष्मी, मां सरस्वती और मां पार्वती समस्त संसार के बच्चों का कल्याण करती रहती है। वैसे वर्ष भर में शारदीय नवरात्र और चैत्र नवरात्रि में मां का विशेष पूजन सनातनियों द्वारा किया जाता है। वर्तमान आधुनिक युग में 10 मई 1908 को पश्चिमी वर्जीनिया के ग्राफ्टन शहर में जार्विस की दिवंगत मां की याद में चर्च में मदर्स डे की सेवा आयोजित की गई थी। 5 वर्ष के भीतर 1914 में अमेरिकी राष्ट्रपति वुडरो विल्सन ने इसे राष्ट्रीय अवकाश दिवस घोषित कर दिया तब से मदर्स डे मनाया जाने लगा।

आचार्यो ब्रह्मणो मूर्तिः पिता मूर्तिः प्रजापतेः ।
भ्राता मरुत्पतेर्मूर्तिर्माता साक्षात् क्षितेस्तनुः।।
—श्रीमद्भागवत, 7/8/29

वत्स! आचार्य ब्रह्मा की मूर्ति, पिता प्रजापति की मूर्ति, माता पृथ्वी की मूर्ति और बड़ा भाई अपनी आत्मा की ही दूसरी मूर्ति है। इनका अपमान करने से देवताओं का अपमान होता है । बालकों को जन्म देकर उनके पालन-पोषण में माता-पिता को जो कष्ट सहना पड़ता है, उसका बदला सैकड़ों वर्ष सेवा करने पर भी पूरा नहीं किया जा सकता ।

आचार्यो ब्रह्मणो मूर्ति: पिता मूर्ति: प्रजापते:।
माता पृथिव्या मूर्तिस्तु भ्राता स्वो मूर्तिरात्मनः।।
—मनुस्मृति, श्लोक- 2/226

गुरु ब्रह्म का अवतार है; पिता प्रजापति का अवतार है; मां पृथ्वी का अवतार है, और अपना सगा (सहोदर) भाई स्वयं का अवतार है। अर्थात् वह सर्वोच्च ब्रह्म जिसका वर्णन वेदान्तिक उपनिषदों में किया गया है उसका गुरु ‘ब्रह्म का अवतार ‘ है। अर्थात् वह ब्रह्म की छवि के रूप में है। ‘पिता प्रजापति का अवतार है ‘ यानी, हिरण्यगर्भ है। मां इस धरती के समान है दोनों समान रूप से सक्षम हैं। स्वयं का यानी, सहोदर भाई ‘स्वयं का अवतार है। ये सब शरीर के भीतर एक जागरूक इकाई हैं।

यहां जिन देवताओं का नाम दिया गया है, वे सभी महानता से युक्त हैं। यदि उनका अनादर किया जाता है, तो वे एक को नष्ट कर देते हैं, जबकि यदि प्रसन्न किया जाता है, तो वे सभी वांछनीय वस्तुओं से सम्पन्न कर देते हैं। इनके समान केवल आचार्य हैं जो इस प्रकार इस पद से स्तुति प्राप्त करते हैं। मां के दूध के कर्ज से कभी जीव मुक्त नहीं हो सकता है।

इस अवसर पर महिलाओं ने अवधी भाषा में गीत और सोहर आदि प्रस्तुत करके भजन को गाया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से चंद्रावती शुक्ला, सुमन शर्मा पूर्व सभासद, आशा ओझा, आरती शर्मा, सुधा, वीना, विमला शुक्ला, प्रतिमा, शांति शुक्ला, सुनीता, प्रज्ञा, सावित्री, ललिता पांडे, सीता, मिश्रा, नीलम, निधि सिंह पूर्व प्रधान, रोली सिंह, दिव्यांशी शुक्ला, उर्मिला, विनायक शर्मा, मुन्नी कुमारी गुप्ता, रेखा मिश्रा, संगीता शुक्ला, सुंदरी मिश्रा, कुइयां आदि को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन प्राची पांडे प्रधानाध्यापक ने किया।

Ramesh Pandey

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रमेश पांडेय (Ramesh Pandey) एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें डिजिटल मीडिया और क्षेत्रीय समाचार रिपोर्टिंग में 20 वर्षों का अनुभव है।