क्विज, वाद-विवाद एवं वाटर क्राफ्ट रेस में दिखी छात्रों की वैज्ञानिक प्रतिभा

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लखनऊ । सिटी मोन्टेसरी स्कूल, चैक कैम्पस द्वारा सी.एम.एस. कानपुर रोड आॅडिटोरियम में आयोजित चार दिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय विज्ञान ओलम्पियाड ‘क्वान्टा-2018’ के दूसरे दिन ब्राजील, फिनलैण्ड, जर्मनी, जार्डन, लेबनान, मलेशिया, नेपाल, रूस एवं भारत के विभिन्न प्रान्तों से पधारे प्रतिभागी छात्रों ने क्विज, वाद-विवाद एवं अक्वा चैलेन्ज (वाटर क्राफ्ट रेस) प्रतियोगिताओं में अपने ज्ञान-विज्ञान छाप छोड़ी, साथ ही उन्नत प्रौद्योगिकी एव विज्ञान की अनेकानेक उपलब्धियों पर भविष्य के विश्वव्यापी समाज की तस्वीर भी प्रस्तुत की। विदित हो कि सी.एम.एस. चैक कैम्पस के तत्वावधान में चार दिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय विज्ञान ओलम्पियाड ‘क्वान्टा-2018’ का आयोजन 24 से 27 नवम्बर तक सी.एम.एस. कानपुर रोड आॅडिटोरियम में किया जा रहा है। इस ओलम्पियाड में 9 देशों से पधारे लगभग 700 बाल वैज्ञानिक प्रतिभाग कर रहे हैं। इससे पहले, क्वान्टा-2018 के दूसरे दिन का शुभारम्भ सी.एम.एस. संस्थापक व प्रख्यात शिक्षाविद् डा. जगदीश गाँधी के सारगर्भित उद्बोधन से हुआ। इस अवसर पर डा. गाँधी ने कहा कि यह आयोजन इस बात का द्योतक है कि भावी पीढ़ी न सिर्फ पढ़ने-लिखने में अव्वल हैं अपितु एक खुशहाल विश्व के लिए समर्पित भी हैं। विभिन्न देशों से पधारे छात्र इस ओलम्पियाड के माध्यम से सारे विश्व को एकता, शांति व मैत्री का संदेश दे रहे हैं, साथ ही साथ अपने ज्ञान के आलोक से विज्ञान के रचनात्मक उपयोग पर जोर दे रहे हैं। प्रातःकालीन सत्र में प्रतियोगिता का सिलसिला ‘वाद-विवाद प्रतियोगिता’ से हुआ जिसका विषय था ‘‘सोशल मीडिया इज ऐज मच कन्वर्सेशन स्टार्टर एज ए कन्वर्सेशन ब्रेकर, आर वी यूजिंग टेक्नोलाॅजी एज एन एक्सक्यूज टु अवाइड सोशलाइजिंग आउटसाइड आॅवर डिवाइसेज’’। इस प्रतियोगिता में विभिन्न देशों के छात्रों ने बड़े उत्साह से प्रतिभाग किया एवं विषय के पक्ष व विपक्ष में बोलते हुए जोरदार तरीके से अपने विचार रखे। इस दिलचस्प वाद-विवाद प्रतियोगिता का संचालन सुश्री मंजू नौटियाल ने किया। विषय के विपक्ष में बोलते हुए केरल पब्लिक स्कूल, जमशेदपुर, झारखण्ड के सौरभ कुमार सिंह ने कहा कि जो लोग सोशल मीडिया का सही उपयोग करना नहीं जानते वही इसे खराब कहते हैं। इसके द्वारा ही स्कूल, काॅलेज छात्रों के अभिभावकों के संपर्क में रहते हैं। विषय के पक्ष में बोलते हुए न्यू कैपिटल सेकेण्डरी स्कूल, नेपाल की ज्योति शर्मा ने कहा कि आज सेल्फी के जुनून के कारण बहुत मौते हो रही है। हमारे वास्तविक रिश्ते काल्पनिक रिश्तों में बदल गये हैं जिससे लोग मानसिक अशांति के शिकार हो रहे हैं। आॅनलाईन मेम्स की चपेट में आकर कितने बच्चे मर रहे हैं। मीडिया को नकारने के बजाय यह सच्चाई मान लेना चाहिए कि यह हमारा व्यवहार खत्म कर रहे है। सर पदमपत सिंघानिया स्कूल, कोटा, राजस्थान की साक्षी ने विपक्ष में अपनी बात रखते हुए कहा कि हम खुद पर संयम रखने की बजाय सोशल मीडिया को दोष देते हैं। यह श्रेष्ठ अविष्कार है जो कि आपको अपने के साथ जुड़ने का अवसर देता है। मी टू इत्यादि कैम्पेन भी इसी से संभव है।इस प्रकार कई अन्य प्रतिभागियों ने अपने सारगर्भित विचारों से उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके अलावा, एक्टा मैथमेटिका क्विज प्रतियोगिता एवं मेन्टल एबिलिटी टेस्ट का लिखित राउण्ड सम्पन्न हुआ, जिसके माध्यम से फाइनल राउण्ड हेतु प्रतिभागी टीमों का चयन किया गया। सायंकालीन सत्र में ‘‘ऐक्टा मैथमेटिका क्विज’’ का फाइनल राउण्ड अत्यन्त रोचक रहा और गणित के गूढ़ प्रश्नों के जवाब में छात्रों की हाजिर जवाबी लाजबाब रही। प्रतियोगिता में अंकगणित, बीजगणित, रेखा गणित इत्यादि पर आधारित प्रश्नों की झड़ी लग गई और छात्रों ने बड़े ही उत्साह से गूढ़ प्रश्नों के उत्तर भी बिजली की गति से दिये।