छत्रपति शिवाजी के अनुयायियों को दिया गया शौर्य पुरस्कार

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नई दिल्ली। मुगल आक्रांताओं से लड़ाई लड़ने वाले वीर पुरुषों की गाथा जब भी गायी जाती है तो उसमें पहला नाम छत्रपति शिवाजी का नाम आता है। छत्रपति शिवाजी को मुगल शासन में कैद कर लिया गया था। किन्तु उन्होंने हार नहीं मानी और अंत में उन्हें मुगल शासकों द्वारा कैद से मुक्त करना पड़ा। जिस दिन छत्रपति शिवाजी मुगलों की कैद से मुक्त हुए थे उस दिन को उनके अनुयायियों द्वारा शौर्य दिवस के रुप में मनाया जाता है। नई दिल्ली में छत्रपति शिवाजी महाराज मेमोरियल नेशनल कमेटी द्वारा शौर्य दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में ऐसे लोगों को जो छत्रपति शिवाजी के विचारों का प्रचार प्रसार कर रहे हैं, उन्हें शौर्य पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया।