जार्ज का व्यक्तित्व आज की युवा पीढ़ी के लिए उदाहरण

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रायपुर। प्रखर समाजवादी नेता स्व.जार्ज फर्नाडीज को याद करते हुए नगरवासियों ने एक श्रद्धांजलि सभा रखी जिसमें उपस्थित लोगों ने उनके व्यक्तित्व व कार्यशैली पर अपनी बात रखते हुए कहा कि एक टे्रड यूनियन लीडर से लेकर केन्द्र में मंत्री रहने तक अलग-अलग दौर में उन्होने काम किया लेकिन उनके विचारधारा में कभी कोई बदलाव नहीं आया। उनका यह मानना था कि टाटा और बाटा वह काम नहीं कर सकते जो एक सामान्य कारीगर कर सकता है। छोटी पूंजी व छोटी मशीन ही आम लोगों को रोजगार दे सकते हैं, जार्ज इस सोंच के हिमायती थे कि गांव का पैसा गांव में ही रहे। उनका व्यक्तित्व आज के परिवेश में युवा पीढ़ी के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है। उनसे काफी कुछ सीखा जा सकता है। रायपुर नागरिक परिषद द्वारा आयोजित श्रद्धांजलि सभा में उनके साथ काम कर चुके रमेश वल्र्यानी ने कहा कि समाज के हित में जार्ज फर्नाडीज ने बड़ी लड़ाई लड़ी लेकिन कभी समझौता नहीं किया। वे चाहते थे गांव का पैसा गांव में रहेगा तभी सही मायनों में विकास हो सकेगा। जो रोजगार छोटी मशीन व छोटी पूंजी दे सकते हैं वह बड़ी इंडस्ट्री नहीं। जिस दौर में छत्तीसगढ़ मध्यप्रदेश में शामिल था नगर सैनिकों की सुविधाओं के लिए जो लड़ाई उन्होंने लड़ी थी आज भी लोग याद करते हैं। आनंद मिश्रा ने कहा कि जार्ज का व्यक्तित्व ऐसा था कि उन पर हम डिवेट कर सकते हैं रिजेक्ट नहीं। टाटा और बाटा वो काम न करें जो देश के छोटे कारीगर कर रहे हैं ताकि उनका रोजगार न छिन जाए। टेरीकाट कपड़ों का विरोध करते हुए उन्होंने जनता साड़ी और धोती को बढ़ावा देने अभियान चलाया था आज भी याद करते है लोग। जब देश के रक्षा मंत्री थे उन्होने सुरक्षा लेने से इंकार कर दिया था,और इसके लिए उन्होंने सीमा पर तैनात देश के जवानो के सुरक्षित रहने को ज्यादा महत्वपूर्ण बताया था। रेलमंत्री के रूप में कर्मचारियों को बोनस, गाडि़यों का संचालन, रेल पांत का निर्माण से लेकर कई बड़े काम उन्होंने किए थे। टे्रड यूनियन के लोग क्यों करते हैं हड़ताल यह भी तो समाज जाने और इसके लिए उद्योगनगरी मुंबई के लोगों को भी जानने मजबूर कर दिया था। टे्रड यूनियन और समाज को जोड़ने की कोशिश उन्होंने की। लेबर बैंक की स्थापना उनकी देन थी।
अंत में रायपुर नागरिक परिषद की ओर से मनमोहन अग्रवाल ने कहा कि वर्तमान संदर्भ में जार्ज जैसे व्यक्ति की विचारधार को आगे ले जाना ही उन्हे सच्ची श्रद्धांजलि होगी। कृष्णा काम्पलेक्स कचहरी चौक स्थित मंथन हाल में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में रमेश वल्र्यानी, आनंद मिश्रा, सनत जैन, मनमोहन अग्रवाल, मोहन चोपड़ा, निश्चय बाजपेयी, निजाम अंसारी, सुनील शर्मा, रामकिशन जांगड़ें, प्रभाकर ग्वाल, डा. विक्रम अग्रवाल, आनंद प्रसाद, प्रसन्ना सहित काफी संख्या में प्रबुद्धजन उपस्थित थे