लघु उद्यमी और नौकरीपेशा लोगों को बजट में राहत : भारत बजाज

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रायपुर। इस बजट के बारे में हम यह कह सकते हैं यह एक चुनावी बजट है। जीएसटी में 40 लाख तक रजिस्ट्रेशन से मुक्ति एवं 5 करोड़ तक टर्नओवर पर तिमाही रिटर्न जमा करने की सुविधा एक स्वागत योग्य कदम है। जहां तक पांच लाख की छूट का सवाल है, लगभग ₹13000 का लाभ जिनकी आय 5 लाख तक है । यह सही है कि हायर इनकम ग्रुप को टैक्स लाभ नहीं है, ५ लाख तक छूट और स्टैण्डर्ड डिडक्शन ५० हज़ार का मतलब सरकारी , अर्धसरकारी एवं प्रायवेट सेक्टर का बहुत बड़ा नौकरी पेशा करदाता टैक्स मुक्त हुआ। इस तरह एक बड़ी संख्या को टैक्स ब्रेकेट के बाहर कर दिया। ८०सी की छूट जोड़े तो छोटा व्यापारी भी टैक्स के बाहर हो गया पर इसके अधिक सालाना आय वाले करदाता को किसी प्रकार की रियायत नहीं दी गई है। टैक्स की दर भी वही पुरानी बरकरार रखी गई है। इस तरह की कई विसंगतियां हैं जैसे ब्याज में जो छूट की बात कही जा रही है वास्तव में वह नहीं है। केवल बैंक और पोस्ट ऑफिस में मिलने वाले ब्याज पर आपका टीडीएस नहीं कटेगा अन्य जो ब्याज आप दे रहे हैं, उस पर वही नियम लागू रहेंगे जो लागू है। किराए में भी किसी प्रकार की छूट नहीं दी गई। यह भी भ्रामक है, केवल 240000 तक टीडीएस नहीं काटने के लिए कहा गया है। सिर्फ टीडीएस नहीं कटेगा इसका कोई लाभ नहीं मिलने वाला है। सबसे ज्यादा निराशा insurance, mediclaim इत्यादि निवेश में या खर्च में जो छूट मिलने की अपेक्षा थी उसे नजरअंदाज किया गया जिससे निराशा ही होगी।
इंश्योरेंस मेडिक्लेम की सीमा बढ़ाई जानी चाहिए थी। आज के समय के मुताबिक बहुत कम है
दूसरे मकान के बारे में भी जो जानकारी है उसके हिसाब से दोनों मकान में ब्याज की छूट वहीं 200000 ही रहेगी। टोटल दूसरे मकान के लिए कोई अलग से छूट नहीं है। सिर्फ बेचने पर दूसरे मकान पर वह भी पुनः निवेश करने पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन से छूट मिलेगी। सीधा हाथ में कुछ नहीं आएगा क्योंकि वह राशि भी निवेश हो जाएगी अतः कर दाता का हाथ खाली रहेगा।