छत्तीसगढ़ में पहले चरण की 18 सीटों पर 60 प्रतिशत से अधिक मतदान

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रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के पहले चरण में नक्सलियों के गढ़ में मतदाताओं ने जमकर वोटिंग करके बंदूक की गोलियों को जवाब वोट से दिया है। सुबह से ही पोलिंग बूथों पर पहुंच रहे मतदाताओं ने साबित कर दिया है कि बंदूकों के डर पर लोकतंत्र की ताकत भारी है। शाम 5 बजे तक 18 सीटों के लिए हो रहे मतदान में 60.49 प्रतिशत वोटर्स ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। 18 विधानसभा सीटों में से 10 सीटे नक्सल प्रभावित रहीं। इनमें सुबह 7 से अपरान्ह 3 बजे तक वोट पड़े। इन 10 सीटों में बीजापुर में 33, नारायणपुर में 39.80, अंतागढ़ में 43, भानु प्रतापपुर में 57, कांकेर में 62, दंतेवाड़ा में 49, मोहना मानपुर में 67, केशकाल में 63.51, कोंडागांव में 61.47 और कोंटा में 46.19 प्रतिशत वोट पड़े। इन दसों सीट पर औसत मतदान 52 प्रतिशत रहा। इसके अलावा अन्य 8 सीटों पर सुबह 8 से सायं 5 बजे तक वोट डाले गये। इनमें बस्तर में 70, जगदलपुर में 65, चित्रकोट में 71, खैरागढ़ में 70.14, डोंगरगढ़ में 71, राजनांदगांव में 70.50, डोंगरगांव में 71 और खुज्जी में 72 प्रतिशत वोट पड़े। यहां का कुल औसत मतदान 70.8 प्रतिशत रहा। इस तरह से पहले चरण की कुल 18 सीटों का औसत मतदान 60.49 प्रतिशत रहा।

उम्र या दिव्यांगता, कोई नहीं अड़चन

103 साल की सोनी बाई सुकमा जिले के गोरगुंडा में बनाए गए पोलिंग बूथ पर वोट डालने आईं। इसी तरह मतदान शुरू होने के कुछ ही देर बाद 100 साल की मतदाता सुकमा के ही द्रोणापाल में अपने अधिकार का प्रयोग करने पहुंचीं। दंतेवाड़ा में दृष्टिबाधित दिव्यांग और यहीं के चिंतागुफा पोलिंग स्टेशन पर चलने में असमर्थ दिव्यांग वोट डालने पहुंचे। कोई अड़चन मतदाताओं को बूथ तक आने से नहीं रोक सकी।

नक्सलियों के मंसूबे हुए नाकाम
दंतेवाड़ा जिले के केतकल्याण ब्लॉक में तुमाकपाल कैंप के पास नक्सलियों ने 1-2 किलोग्राम आईईडी से विस्फोट किया। एआईडी देवनाथ ने बताया, सुरक्षा बलों को निशाना बनाने के लिए लगभग 5:30 बजे तुमाकपाल-नयनार रोड पर नक्सलियों ने आईईडी को ट्रिगर किया था। सुरक्षा बलों और चुनावकर्मी दल को कोई नुकसान नहीं हुआ है और पार्टी सुरक्षित रूप से नयनार मतदान बूथ संख्या 183 तक पहुंच गई।

कोबरा बटालियन के दो जवान घायल
बीजापुर के पामेड़ में सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच 12 बजकर 20 मिनट से शुरू हुई मुठभेड़ में दोनों ओर से रुक-रुककर फायरिंग होती रही। एनकाउंटर में कोबरा बटालियन के 5 जवान घायल हो गए, जबकि 5 नक्सली भी ढेर हो गए। शांतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव करवाने के लिए 1 लाख जवानों को तैनात किया गया था।

खास बातें एक नजर में…

–पिछले विधानसभा निर्वाचन में सेंदगुडा मतदान केन्द्र पर 5 वोट डाले गये थ। इस बार 315 वोट डाले गये।
–सुकमा जिले के पालमबुड़ा मतदान केन्द्र में पिछले 15 सालों के बाद अबकी पहली बार 44 मतदाताओं ने वोट डाले।
–अमेरिका में कार्यरत सॉफ्टवेयर इंजीनियर कु. सुप्रजा मूर्ति और उनकी बहन डॉ. विजय लक्ष्मी ने कांकेर में आकर वोट डाला।
–समर्पित नक्सली दम्पति मैनुराम और राजवती ने नारायणपुर में लोकतंत्र के उत्सव में भाग लेकर मताधिकार का प्रयोग किया।
–दंतेवाड़ा के किस्टाराम में मतदाता नदी पार कर वोट डालने पहुंचे। 2013 में वोट करने आये ग्रामीणों की नाव नक्सलियों ने डुबो दिया था। बावजूद इसके भी नक्सलियों के खौफ से बेखौफ ग्रामीणों ने लोकतंत्र के महापर्व में हिस्सा लिया।