डॉ. महंत की संवेदनशीलता पर लोगों की आंखों में आंसू छलके, बजती रही तालियां

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रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के आडिटोरियम में उपस्थित सैकड़ों लोगों की आंखे नम थी और उनके हाथ से बज रही तालियां रुकने का नाम नहीं ले रही थी। तालियों को रोकने के लिए खुद विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत को टोकना पड़ा। यह अवसर था जब डॉ. महंत ने मंच से मानव तस्करों के चंगुल से छूटी बस्तर की बेटी राजेश्वरी को विधानसभा परिसर में भृत्य की नौकरी आज से ही दिये जाने की घोषणा की। बता दें वरिष्ठ पत्रकार प्रियंका कौशल द्वारा मानव तस्करी पर लिखी गयी पुस्तक ‘नरक’ का विमोचन करने रविवार को कार्यक्रम आयोजित था। इस कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत के साथ दिल्ली से आयीं वरिष्ठ पत्रकार अमृता राय, कृषि मंत्री रवीन्द्र चौबे, कांग्रेस की वरिष्ठ नेता करुणा शुक्ला, गिरीश पंकज समेत कई शख्सियतें उपस्थित रहीं। इस पुस्तक में बस्तर के कांकेर जिले के सुदूर गांव में रहने वाली राजेश्वरी सलाम को मानव तस्करों द्वारा तमिलनाड़ु में ले जाकर बेंच दिये जाने और उसके छूटकर लौटने, फिर पुलिस की मदद से तमिलनाड़ु में मानव तस्करों द्वारा ले जायी गयी बस्तर की 60 अन्य बेटियों को छुड़ाकर ले आने की दास्तान लिखी गयी है। कार्यक्रम में पीड़िता राजेश्वरी भी उपस्थित थी। वरिष्ठ पत्रकार अमृता राय ने जब राजेश्वरी से पूछा कि वह क्या करती है तो जवाब आया कि कुछ नहीं। बस इसी बात ने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. महंत की संवेदनशीलता बढ़ा दी। वह माइक पर आते ही भाषण की औपचारिकता निभाने के बाद राजेश्वरी से पूछा कि वह कितने तक पढ़ी है। इस पर जवाब आया कि वह स्कूल गयी ही नहीं है। इसके बाद डॉ. महंत ने विधानसभा के सचिव को बुलाकर पूछा कि क्या राजेश्वरी को विधानसभा परिसर में किसी नौकरी पर रखा जा सकता है तो सचिव ने भृत्य की नौकरी देने की बात कही। इस पर डॉ. महंत ने घोषणा किया कि राजेश्वरी को आज से ही विधानसभा परिसर में भृत्य पद की नौकरी दे दी जाएगी। डॉ. महंत की इस संवेदनशीलता को देख लोगों की आंखों में आंसू छलक गये। खुद राजेश्वरी काफी देर तक रोती रही। तालियां इस कदर बज रही थी लोग रुकने का नाम ही नहीं ले रहे थे। इसके लिए खुद डॉ. महंत को टोकना पड़ा।
तेजिन्दर सिंह ने दी पांच लाख रुपये की सहायता
कार्यक्रम में उपस्थित युवा उद्यमी तेजिन्दर सिंह ने लोगों से आग्रह किया वे भिक्षा मांग रहे बच्चों को पैसे देने के बजाया खाने की सामग्री दें क्योंकि यह पैसा बच्चों से भिक्षाटन कराने वाले अपराधी के पास जाता है। उन्होंने इस मौके पर राजेश्वरी को पांच लाख रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान किये जाने की घोषणा की।
मानव तस्करों के खिलाफ सरकार छेड़ेंगी अभियान : चौबे
कार्यक्रम में उपस्थित प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री रवीन्द्र चौबे ने राजेश्वरी की कहानी सुनकर बेहत हतप्रभ नजर आये। उन्होंने इस मामले को वरिष्ठ पत्रकार प्रियंका कौशल द्वारा समाज के सामने लाने पर पत्रकार समाज की तारीफ किया। उन्होंने कहा कि मेरे मन में यह भ्रांति थी कि पत्रकारिता में केवल आलोचना का ही स्थान होता है पर आज वह भ्रांति दूर होगी। पत्रकारिता समाज और सरकार को नई दिशा दिखाने का काम करती है। उन्होंने कहा कि वह आत ही मुख्य सचिव से बात कर प्रदेश में मानव तस्करों के खिलाफ कार्रवाई करने की रणनीति बनाने का निर्देश देंगे।