राधा जी के जिह्वा से अवतरित हुई सरस्वती : ओमप्रकाश पांडे अनिरुद्ध रामानुज दास

0
23

प्रतापगढ़। महामाया आश्रम धाम खूझीपुर कला में सरस्वती पूजन का कार्यक्रम विधिवत संपन्न हुआ। उक्त अवसर पर क्षेत्र से भारी संख्या में जनमानस एकत्रित हुआ था। मां सरस्वती एवं वेदों तथा श्रीमद्देवी भागवत का पूजन करने के पश्चात ओम प्रकाश पांडे अनिरुद्ध रामानुज दास ने कहा कि श्रीमद्देवी भागवत के नवम स्कंध के अनुसार एक बार नारद जी ने भगवान नारायण से पंच महाशक्तियों के विषय में जानना चाहा । भगवान श्रीमननारायण ने नारद जी से कहा पंच महाशक्तियां जो हैं। वह गणेश जननी दुर्गा अर्थात उमा ,लक्ष्मी ,सरस्वती ,राधा और सावित्री है। सरस्वती के उद्भव के विषय में चर्चा करते हुए भगवान नारायण कहते हैं। हे नारद राधा जी के जिह्वा से सरस्वती का प्राकट्य हुआ । सरस्वती ने भगवान श्रीकृष्ण को कामातुर रूप में देख लिया। जिससे राधा जी नाराज हुई तब भगवान श्रीकृष्ण ने कहा, हे सरस्वती मेरे ही स्वरूप भगवान नारायण है। तुम उनके पास जाओ वहां पर लक्ष्मी जी वास करती है। लक्ष्मी जी किसी से भी राग, द्वेष, ईर्ष्या, क्रोध नहीं रखती उनके अंदर अहंकार भी नहीं है। वहां पर जाने पर तुम्हें सम्मान मिलेगा और माघ मास शुक्ल पक्ष की पंचमी के दिन तुम्हारा विद्वानों द्वारा संतों द्वारा पूजन-अर्चन होगा। त्रैलोक में कहीं भी कोई शास्त्र लिखे जाएंगे तो पहले आपकी वंदना होगी। इसीलिए बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती का पूजन अर्चन होता है। कार्यक्रम मे मुख्य रुप से संतोष तिवारी एडवोकेट ,अरूण पांडे , कमलेश शर्मा एडवोकेट, फूलचंद मिश्रा ,कमलेश तिवारी पुजारी ,निशा कांत मिश्रा , अरुण प्रताप सिंह, सुधाकर सिंह ,पंडित रवी मिश्रा , पंडित राजू शर्मा , रंगीला राही ,संतोष पांडेय सहित अनेक भक्तों ने पूजन अर्चन एवं भजन कीर्तन किया ।